शिमला के ढांडा में चोरी की गुत्थी सुलझी: पुलिस ने 72 घंटे के भीतर शातिर आरोपी को किया गिरफ्तार

Himachal Pradesh News: शिमला के ढांडा क्षेत्र में एक घर से एक लाख रुपये की नकदी और गहने चोरी करने के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। जतोग पुलिस चौकी की टीम ने इस वारदात के महज तीन दिनों के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान आयुष रांटा के रूप में हुई है, जो शिमला जिले के कोटखाई का निवासी है। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई सुनिश्चित की है।

चोरी की वारदात और पुलिस को दी गई शिकायत

यह घटना 8 अप्रैल की है, जब ढांडा निवासी राजेश लता रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पर गई थीं। शाम करीब 4:30 बजे जब वह वापस घर लौटीं, तो मुख्य द्वार और अलमारी के ताले टूटे हुए मिले। घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था और तलाशी लेने पर पाया गया कि एक लाख रुपये की नकदी सहित कीमती आभूषण गायब हैं। पीड़िता ने तुरंत इसकी सूचना नजदीकी जतोग पुलिस चौकी को दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और अपराध स्थल का गहन निरीक्षण किया। जांच टीम ने इलाके के विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां नजर आईं। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से संदिग्ध की पहचान आयुष रांटा के रूप में की। वर्तमान में आरोपी शिमला के टुटू इलाके में रह रहा था, जहां से पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए जाल बिछाया।

आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और गिरफ्तारी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आयुष रांटा पहले भी चोरी की कई वारदातों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने शनिवार यानी 11 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से चोरी किया गया सामान बरामद करने के लिए पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में सक्रिय अन्य चोर गिरोहों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

कानून व्यवस्था पर पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक बयान

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने बीएनएस की धारा 305(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने पेशेवर कौशल दिखाते हुए आरोपी को मात्र तीन दिन में सलाखों के पीछे भेज दिया है। शिमला पुलिस शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में साझा करें।

न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच का विवरण

पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है, ताकि उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सके। पुलिस रिमांड के दौरान चोरी किए गए आभूषणों और नकदी की बरामदगी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जांच अधिकारी इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस वारदात में कोई और व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति संबंधी अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है ताकि जनता सुरक्षित रहे।

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