Himachal News: सोलन पुलिस ने आरएलए वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। इस बड़े फर्जीवाड़े में पुलिस पहले ही छह अन्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। जनवरी महीने में सामने आए इस घोटाले की जांच पुलिस बहुत ही गहराई से कर रही है।
हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद हुई गिरफ्तारी
आरोपी गौरव भारद्वाज गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की थी। न्यायालय ने उसकी इस याचिका को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। इसके बाद सोलन पुलिस ने सटीक सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसे गिरफ्तार किया। गौरव भारद्वाज को उस वक्त पकड़ा गया जब वह सोलन में ही यात्रा कर रहा था।
दिल्ली क्राइम ब्रांच भी कर रही थी आरोपी की तलाश
वाहन पंजीकरण के इस बड़े फर्जीवाड़े में दिल्ली क्राइम ब्रांच भी गौरव की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। लेकिन अंततः सोलन पुलिस उसे पकड़ने में कामयाब रही। पुलिस अधीक्षक सोलन टीएसडी वर्मा ने बताया कि आरोपी पर तकनीकी और मानवीय दोनों तरीकों से नजर रखी जा रही थी। यह मामला जनवरी में आरएलए सोलन में उजागर हुआ था। इसके बाद एसडीएम की शिकायत पर छब्बीस जनवरी को केस दर्ज किया गया था।
पूछताछ में हो सकते हैं कई अन्य बड़े और अहम खुलासे
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज से कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों को इस मामले में कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। इस पूरे घोटाले की जांच के लिए डीएसपी अशोक चौहान के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इस टीम में सदर थाना के प्रभारी हंसराज और कई अन्य पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।


