कानपुर: पुलिस कमिश्नर दफ्तर में हाई-वोल्टेज ड्रामा, जेल में बंद प्रेमी के लिए टावर पर चढ़ी प्रेमिका

Uttar Pradesh News: कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती अपने प्रेमी को जेल से रिहा कराने की मांग को लेकर ऊंचे वायरलेस टावर पर चढ़ गई। सचेंडी निवासी यह युवती पिछले साल नाबालिग रहने के दौरान अपने प्रेमी के साथ भाग गई थी। बालिग होने के बाद अब वह खुद को युवक की पत्नी बता रही है और उसे बेकसूर मानती है। करीब 45 मिनट तक चले इस सनसनीखेज हंगामे ने पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए।

प्रेमी को देखते ही टावर से उतरी युवती

टावर पर चढ़ी युवती लगातार जान देने की धमकी दे रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा और डीसीपी मुख्यालय दिनेश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। युवती पुलिस की किसी भी बात पर विश्वास करने को तैयार नहीं थी। आखिरकार, पुलिस ने चतुराई दिखाते हुए कोर्ट में पेशी पर आए उसके प्रेमी राकेश सिंह को मौके पर बुलाया। प्रेमी को सामने देखते ही युवती का गुस्सा शांत हुआ और वह टावर से नीचे उतर आई, जहां वह प्रेमी से लिपटकर रोने लगी।

अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का मामला

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल 22 अक्टूबर को यह किशोरी लापता हुई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 26 अक्टूबर को उसे बरामद किया और आरोपी राकेश सिंह उर्फ निहार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चूंकि उस समय पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए आरोपी के खिलाफ अपहरण के साथ-साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। आरोपी राकेश ने कथित तौर पर किशोरी के साथ आर्य समाज मंदिर में शादी करने का दावा किया था, जिसे कानूनन मान्यता नहीं मिली।

न्याय की गुहार लगा रही दिव्यांग मां की पीड़ा

इस पूरे ड्रामे के बीच युवती की दिव्यांग मां भी पुलिस अधिकारियों के पास पहुंची और अपनी व्यथा सुनाई। मां का आरोप है कि आरोपी राकेश ने उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगाया था। मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेटी के बयान दर्ज होने थे, लेकिन आरोपी के परिजनों ने उसे डराया-धमकाया। मां का कहना है कि उनकी बेटी को भड़काया गया है, जिसके कारण उसने इतना आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपनी बेटी की सुरक्षा और न्याय की मांग की है।

कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी वापस जेल भेजा गया

युवती के टावर से उतरने के बाद पुलिस ने स्थिति को संभाला और आरोपी राकेश सिंह को वापस जेल भेज दिया। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि युवती को टावर पर चढ़ने के लिए किसने उकसाया था। फिलहाल, युवती को मानसिक काउंसलिंग के लिए पुलिस लाइन भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि काउंसलिंग पूरी होने के बाद ही उसे परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अब सवाल उठाए जा रहे हैं।

कानूनी दांव-पेच में फंसा प्यार और परिवार

यह मामला अब कानूनी और भावनात्मक रूप से काफी उलझ गया है। एक तरफ युवती अब बालिग है और अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ कानून की नजर में अपराध उस समय हुआ जब वह नाबालिग थी। दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में सहमति का कोई स्थान नहीं होता है। पुलिस अब साक्ष्यों और कोर्ट के निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। शहर में इस अनोखे और खतरनाक प्रदर्शन की चर्चा हर तरफ हो रही है।

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