Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने भारत के 12वें प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंद्रकुमार गुजराल के बेटे और पूर्व सांसद नरेश गुजराल को अपना निशाना बनाया है। इस शातिर धोखाधड़ी में उनके साथ करीब सात करोड़ 80 लाख रुपये की बड़ी ठगी की गई है।
व्हाट्सएप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर जालसाजों ने की ठगी
पुलिस ने बताया कि यह पूरी धोखाधड़ी 12 जून से 16 जून 2026 के बीच हुई है। जालसाजों ने नरेश गुजराल की कंपनी को उनकी फाइनेंशियल टीम के माध्यम से व्हाट्सएप पर निशाना बनाया। ठगों ने एक नकली अकाउंट बनाया, जिसमें नरेश गुजराल की प्रोफाइल तस्वीर लगाई थी ताकि लोग उन्हें असली समझकर धोखा खा जाएं।
यह धोखा देने वाला संदेश नरेश गुजराल के एक बेहद भरोसेमंद कर्मचारी को भेजा गया था। इस व्हाट्सएप संदेश में कर्मचारी को कंपनी के अकाउंट से आरटीजीएस के माध्यम से तुरंत पैसा ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था। पैसों के मामलों की पहुंच रखने वाले इस कर्मचारी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह मैसेज नकली है।
बिना पुष्टि किए कर्मचारी ने चार बार ट्रांसफर किए करोड़ों रुपये
पुलिस पूछताछ में कर्मचारी ने बताया कि बीते चार से पांच दिनों के भीतर उसने आरटीजीएस के माध्यम से चार बार अलग-अलग पैसे भेजे। यह रकम हर बार करोड़ों में थी। कर्मचारी इस बात से पूरी तरह अनजान था कि संदेश उसके मालिक का नहीं है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पैसों के मामले में यह दिल्ली की सबसे बड़ी साइबर धोखाधड़ी है।
इस बड़ी ठगी की भनक लगते ही नरेश गुजराल ने तुरंत दिल्ली पुलिस की साइबर एजेंसी से शिकायत की। साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस बड़ी धनराशि में से लगभग चार करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। पुलिस ने बैंक खातों को ब्लॉक कर दिया है ताकि ठग इस पैसे को निकाल न सकें।
बैंक के फोन करने पर सीएफओ से हो गई बड़ी चूक
नरेश गुजराल ने बताया कि बड़े लेनदेन को देखते हुए बैंक ने उनके चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यानी सीएफओ को फोन भी किया था। लेकिन सीएफओ को लगा कि नरेश गुजराल ने ही यह निर्देश दिए हैं। इसलिए सीएफओ ने बैंक को इस लेनदेन को क्लियर करने और पूरा करने की अनुमति दे दी, जिससे ठग सफल रहे।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल टीम अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे ठगों के बैंक खातों और व्हाट्सएप नंबर की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई करके इसमें शामिल सभी शातिर ठगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Author: Gaurav Malhotra


