मंडप सजा था, मेहमान आए थे पर नहीं पहुंची बारात; दहेज के लालच ने उजाड़ दिए एक बेटी के अरमान

Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर में दहेज के लालच ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। शादी के ऐन वक्त पहले वर पक्ष ने फ्लैट और महंगी गाड़ी की मांग रख दी। मांग पूरी न होने पर दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा। पीड़ित परिवार ने अब पुलिस में न्याय की गुहार लगाई है। इस घटना ने समाज में व्याप्त दहेज जैसी कुप्रथा और आधुनिकता के खोखले दावों पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शहर के एक प्रतिष्ठित परिवार ने अपनी बेटी की शादी बड़े धूमधाम से तय की थी। शादी की तारीख 10 मई मुकर्रर हुई थी। परिवार ने महीनों से तैयारियां की थीं और अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च किया था। घर में मेहमानों का तांता लगा था और मंडप सज चुका था। लेकिन शादी से ठीक एक दिन पहले वर पक्ष की नीयत बदल गई। उन्होंने अचानक दहेज में आलीशान फ्लैट और लग्जरी गाड़ी की मांग कर डाली।

30-40 लाख रुपए हुए बर्बाद, गहने भी हड़पे

लड़की के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में अपना दर्द साझा किया है। उन्होंने बताया कि शादी की तैयारियों पर करीब 30 से 40 लाख रुपए खर्च हो चुके थे। सगाई और अन्य रस्मों के दौरान उन्होंने लड़के वालों को सोने के जेवरात भी भेंट किए थे। पिता का आरोप है कि जब उन्होंने अतिरिक्त दहेज देने में असमर्थता जताई, तो वर पक्ष ने बारात लाने से साफ इनकार कर दिया। इस विश्वासघात से परिवार को गहरा सदमा लगा है।

अचानक रिश्ता टूटने से लड़की और उसका परिवार मानसिक रूप से टूट गया है। आर्थिक नुकसान के साथ-साथ समाज में उनकी प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची है। स्थानीय बुद्धिजीवी वर्ग ने पीड़ित परिवार के साहस की प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि ऐसे लालचियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। समाज को एकजुट होकर दहेज लोभियों का बहिष्कार करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी और की बेटी के सपने इस तरह न टूटें।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि सदर थाना में दहेज प्रतिषेध अधिनियम (Dowry Prohibition Act) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब वर पक्ष के सदस्यों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, दोष सिद्ध होने पर वर पक्ष को जेल की हवा खानी पड़ सकती है और भारी जुर्माना भी देना होगा।

समाजशास्त्री इस घटना को समाज के लिए एक चेतावनी मान रहे हैं। उनका तर्क है कि शिक्षित होने के बावजूद लोग आज भी पुरानी रूढ़ियों से जकड़े हुए हैं। दहेज की यह मांग न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की हत्या भी है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि पीड़ित पक्ष को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके। पुलिस शादी के लिए किए गए खर्चों का ब्योरा भी जुटा रही है।

Hot this week

Related News

Popular Categories