शिमला में मां की तलवार से निर्मम हत्या करने वाले कलयुगी बेटे को उम्रकैद, अदालत ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

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Shimla Court News: हिमाचल प्रदेश की एक जिला अदालत ने जुन्गा क्षेत्र के थुंड गांव में अपनी सगी मां की निर्मम हत्या करने वाले दोषी बेटे रामेश्वर को उम्रकैद की सख्त सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 25,000 रुपये का नकद जुर्माना भी लगाया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-द्वितीय यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और धारा 324 के तहत दोषी करार दिया। जुर्माना राशि न चुकाने की स्थिति में कलयुगी बेटे को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

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पारिवारिक तलवार से किया था मां और भाई पर हमला

सरकारी अभियोजन पक्ष के मुताबिक 26 जुलाई 2022 की रात करीब 11:30 बजे आरोपी रामेश्वर ने घर में रखी पुरानी पारिवारिक तलवार से अपनी मां बिमला देवी पर अचानक हमला कर दिया था। इस खूनी हमले में मां के सिर, चेहरे और गर्दन पर गहरी चोटें आई थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस खूनी वारदात के दौरान जब बड़ा भाई प्रकाश चंद अपनी बूढ़ी मां को बचाने आगे आया, तो आरोपी रामेश्वर ने उन पर भी तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में प्रकाश चंद भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत केस दर्ज किया था।

डीएनए टेस्ट और वैज्ञानिक सबूतों से साबित हुआ गुनाह

ट्रायल के दौरान मृतका के बेटे सुनील कुमार, घायल प्रकाश चंद और हितेंद्र शर्मा ने आरोपी को घटनास्थल पर सीधे गवाही दी। इसके अलावा घटनास्थल से बरामद एक शर्ट का बटन आरोपी की कमीज से बिल्कुल मैच हो गया। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट ने वैज्ञानिक रूप से आरोपी की मौजूदगी को पूरी तरह साबित किया।

अदालत में तलवार और घटनास्थल पर मिले खून के नमूनों का डीएनए टेस्ट भी आरोपी से पूरी तरह मैच हुआ। बचाव पक्ष ने संपत्ति विवाद के चलते झूठा फंसाने की दलील दी थी। हालांकि माननीय न्यायाधीश यजुवेंद्र सिंह ने इस दलील को खारिज करते हुए गवाहों को पूरी तरह विश्वसनीय माना।

सजा सुनाने से पहले कोर्ट ने जेल अधीक्षक और सामाजिक कल्याण अधिकारी से दोषी के आचरण की पूरी रिपोर्ट मांगी थी। सभी सबूतों को देखने के बाद अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष ने मामले को संदेह से परे साबित किया है। सरकारी पक्ष की ओर से जिला उप न्यायवादी सुनील शर्मा ने पैरवी की।

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