Rampur News: हिमाचल प्रदेश के रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तांत्रिक विद्या का झूठा डर दिखाकर एक 13 वर्षीय नाबालिग स्कूली छात्रा से दुष्कर्म करने के जुर्म में पूर्व पंचायत प्रधान को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी है।
तांत्रिक विद्या और मौत का खौफ दिखाकर रची साजिश
उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि घटना के वक्त पीड़िता आठवीं क्लास की छात्रा थी। दोषी की पहचान 43 वर्षीय किशोरी लाल के रूप में हुई है, जो रामपुर क्षेत्र में पंचायत प्रधान रह चुका है। आरोपी ने पीड़िता के गले में पहनी रुद्राक्ष की माला को लेकर एक खौफनाक कहानी रची थी।
आरोपी ने पीड़िता की सहेली से कहा कि माला छूने पर उसे जोर का झटका लगा था। उसने दावा किया कि वह मुस्लमानी विद्या जानता है और मंत्रों से इसका इलाज करना होगा। इलाज न कराने पर उसने पूरे परिवार के मारे जाने का डर दिखाया, जिससे नाबालिग बच्ची बहुत ज्यादा डर गई थी।
घर बुलाकर किया दुष्कर्म और लगातार किया ब्लैकमेल
इसी खौफ का फायदा उठाकर आरोपी ने 15 अक्टूबर को नाबालिग बच्ची को अपने घर बुलाया। वहां आरोपी ने पीड़िता पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। जब डरी हुई बच्ची भागने लगी, तो आरोपी ने उसे जबरन पकड़ लिया और उसके साथ घिनौना क्राइम किया।
वारदात के बाद भी आरोपी तांत्रिक विद्या का डर दिखाकर पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। वह फोन पर बात करने और प्यार करने का दबाव बनाता था। इस मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार पीड़िता ने अपनी नानी को रोते हुए पूरी आपबीती विस्तार से बताई।
वैज्ञानिक साक्ष्यों और 16 गवाहों ने दिलाई सख्त सजा
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। अदालत में पुलिस और अभियोजन पक्ष ने केस की बेहतरीन पैरवी की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान करीब 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और फॉरेंसिक लैब की साइंटिफिक रिपोर्ट भी पेश की गई।
अदालत ने पुख्ता गवाहों और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर आरोपी किशोरी लाल को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के इस कड़े फैसले से पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है और क्षेत्र में कानून का डर बढ़ेगा।

