Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पदोन्नत हुए प्रधानाचार्यों का तीन महीने का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। शिक्षा विभाग ने विधानसभा सत्र समाप्त होने के ठीक बाद देर शाम इन शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि, इस लंबे इंतजार के बीच दो प्रधानाचार्य बिना नियुक्ति के ही सेवानिवृत्त हो गए। अब विभाग ने सभी शिक्षकों को तुरंत अपनी नई जगह पर कार्यभार संभालने के सख्त निर्देश दिए हैं।
30 दिसंबर को मिली थी पदोन्नति की सौगात
शिक्षा विभाग ने 30 दिसंबर को एक बड़ा फैसला लिया था। विभाग ने 267 स्कूल प्रवक्ताओं और 512 मुख्य अध्यापकों को प्रमोशन दिया था। इन सभी को पदोन्नत करके प्रधानाचार्य बनाया गया था। लेकिन प्रमोशन के बाद इन्हें पोस्टिंग के लिए तीन महीने तक इंतजार करना पड़ा। अब विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद सरकार ने इन्हें नई तैनाती दे दी है।
सीबीएसई स्कूलों के लिए तय की गई नई शर्त
शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने इस नियुक्ति को लेकर एक अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जो सरकारी स्कूल सीबीएसई से जुड़ चुके हैं या जुड़ने वाले हैं, वहां के लिए एक खास नियम रहेगा। इन स्कूलों में तैनात प्रधानाचार्यों को भविष्य में बदला जा सकता है। जब चयन प्रक्रिया के जरिए नए उम्मीदवार मिलेंगे, तो इन मौजूदा प्रधानाचार्यों को दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
अधिकारियों को तुरंत जॉइनिंग रिपोर्ट भेजने के निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी पदोन्नत प्रधानाचार्यों को सख्त हिदायत दी है।
- सभी अधिकारियों को अपने नए तैनाती स्थल पर तुरंत कार्यभार ग्रहण करना होगा।
- जॉइनिंग के बाद एक उचित माध्यम से विभाग को अपनी जॉइनिंग रिपोर्ट भेजनी होगी।
- विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस सरकारी प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


