Cyber News: डिजिटल युग में ऑनलाइन नौकरी खोजना अब बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। सोशल मीडिया और जॉब पोर्टल्स पर सक्रिय साइबर अपराधी पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को अपना आसान निशाना बना रहे हैं। हाल के दिनों में युवाओं के साथ नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक 18 से 28 वर्ष के युवा इन ठगों के चंगुल में आसानी से फंस रहे हैं। जल्दी नौकरी पाने की चाहत और अनुभव की कमी के कारण वे विज्ञापनों पर भरोसा कर लेते हैं। बिना जांच-पड़ताल किए आवेदन करना ही उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन जाता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बने साइबर अपराधियों के नए हथियार
इंटरनेट पर सबसे ज्यादा एक्टिव रहने वाली नई पीढ़ी लिंक्डइन, टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स का इस्तेमाल करती है। ठग इन्हीं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक वर्क फ्रॉम होम और भारी सैलरी वाले फर्जी विज्ञापन पोस्ट करते हैं। ऐसे लुभावने ऑफर्स देखकर बेरोजगार युवा तुरंत उनके झांसे में आ जाते हैं।
ठगी की शुरुआत तब होती है जब ये अपराधी खुद को बड़ी कंपनियों के एचआर अधिकारी बताते हैं। वे युवाओं का विश्वास जीतने के लिए फर्जी इंटरव्यू लेते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेनिंग चार्ज और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर अलग-अलग किस्तों में मोटी रकम वसूलते हैं।
फर्जी ऑफर लेटर देकर ऐंठ रहे हैं लाखों रुपये
उम्मीदवारों को शक न हो, इसके लिए शातिर ठग हूबहू असली दिखने वाले नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड भी ईमेल कर देते हैं। जैसे ही युवा मांगी गई रकम उनके खातों में ट्रांसफर करते हैं, ठग अपने मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं। इसके बाद पीड़ितों के पास पछतावे के अलावा कुछ नहीं बचता।
हाल ही में झूंसी क्षेत्र के एक बेबस युवक से शातिर अपराधियों ने नौकरी दिलाने का झूठा दिलासा देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। वहीं एक अन्य बड़े मामले में रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक बेरोजगार से करीब 1.7 लाख रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी की गई।
सजगता और पूरी जांच-पड़ताल ही ठगी से एकमात्र बचाव
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी नौकरी देने के बदले किसी भी तरह की फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं मांगती है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले संदिग्ध जॉब ऑफर्स से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए। लड़कियां भी अक्सर बिना सोचे-समझे इन पर भरोसा कर लेती हैं।
साइबर अपराध से सुरक्षित रहने के लिए केवल अधिकृत वेबसाइटों का ही प्रयोग करें। किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध मोबाइल ऐप को अपने फोन में डाउनलोड बिल्कुल न करें। यदि आपके साथ ऐसी कोई भी धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत नजदीकी साइबर थाने या राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
Author: Raj Thakur


