सुप्रीम कोर्ट में खुली नीट परीक्षा के नए सुरक्षा चक्र की फाइल, अब परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, जानें क्या हुए बड़े बदलाव

Delhi News: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने नीट-यूजी परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा खाका तैयार किया है। पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर व्यापक प्रशासनिक सुधारों की विस्तृत जानकारी साझा की है।

शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा व्यवस्था को दोषमुक्त करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इस हाई पावर्ड कमेटी ने डाटा सुरक्षा और पारदर्शी कामकाज सुनिश्चित करने के लिए कुल 101 महत्वपूर्ण और कड़े नीतिगत सुझाव दिए थे।

सुझावों को लागू करने के लिए बनी स्टीयरिंग कमेटी

डॉ. राधाकृष्णन ने अदालत को बताया कि इन सभी सुझावों को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए एक विशेष स्टीयरिंग कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी एनटीए द्वारा किए जा रहे बदलावों की साप्ताहिक आधार पर गहन समीक्षा कर रही है।

परीक्षा के नए नियमों के तहत अब राज्य सरकारों की जिम्मेदारी को काफी बढ़ा दिया गया है। जिला स्तर पर बनी विशेष जांच कमेटियां केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की कड़ाई से लाइव मॉनिटरिंग कर रही हैं, जिससे गड़बड़ी की आशंका खत्म हो गई है।

सरकारी स्कूलों में ही बनेंगे परीक्षा केंद्र, एआई से होगी निगरानी

साल 2026 की परीक्षा के 99.5 प्रतिशत से अधिक केंद्र केवल सरकारी शिक्षण संस्थानों में ही बनाए गए हैं। एनटीए ने किसी भी तरह के असामान्य डिजिटल पैटर्न की समय पर पहचान करने के लिए आधुनिक डाटा एनालिटिक्स का उपयोग शुरू किया है।

एजेंसी के ढांचे को और मजबूत करने के लिए 16 नए तकनीकी पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा आईआईटी और केंद्रीय विद्यालय संगठन के वरिष्ठ कंप्यूटर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। गोपनीय प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए नई प्रणाली लागू की गई है।

धांधली रोकने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी और जैमर तकनीक का इस्तेमाल

परीक्षार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित अत्याधुनिक बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली अनिवार्य की गई है। इस नई डिजिटल पहल को देश की भावी “डिजी-एग्जाम” व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम माना जा रहा है।

परीक्षा केंद्रों पर कई स्तरों वाली विशेष जांच चौकियां बनाई गई हैं। सभी कमरों में लाइव सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनका नियंत्रण सीधे केंद्रीय कमांड सेंटर से जुड़ा है। साथ ही मोबाइल सिग्नल जाम करने के लिए हाई-फ्रीक्वेंसी जैमर लगाए गए हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सुलझेंगी छात्रों की शिकायतें

एनटीए परीक्षा संपन्न होने के बाद भी पूरे डाटा का बारीकी से विश्लेषण करता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पकड़ने के लिए चौबीसों घंटे हेल्पडेस्क काम कर रहे हैं। शिकायत निवारण प्रणाली में अब एआई और मशीन लर्निंग तकनीक को जोड़ा जा रहा है।

नीट परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में बदलने पर भी विचार चल रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ अंतिम दौर की चर्चा चल रही है। समिति की देखरेख में पिछले साल की परीक्षा पूरी तरह सफल रही थी।

Author: Gaurav Malhotra

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