लोअर पीसीएस के बाद अब अपर पीसीएस में कमाल, मनीष मोहन नेगी बने उत्तराखंड में उप शिक्षाधिकारी

Career News: उत्तराखंड के टिहरी जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र पट्टी गोनगढ़ के ग्राम चौठारा से सफलता की एक बेहद गौरवशाली कहानी सामने आई है। क्षेत्र के होनहार युवा मनीष मोहन नेगी ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित अपर पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए उप शिक्षाधिकारी (Deputy Education Officer) का पद प्राप्त किया है।

मार्केटिंग निरीक्षक के बाद अब हासिल किया बड़ा मुकाम

मनीष मोहन नेगी की यह सफलता उनकी निरंतर मेहनत और हार न मानने वाले जज्बे की अनूठी मिसाल है। इससे पहले भी मनीष ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए लोअर पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जिसके तहत उनका चयन मार्केटिंग निरीक्षक (Marketing Inspector) के पद पर हुआ था।

अपनी इस पुरानी सफलता से संतुष्ट होने के बजाय मनीष ने प्रशासनिक सेवा के अपने बड़े लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा। उन्होंने अपनी तैयारी को लगातार जारी रखा और आखिरकार उप शिक्षाधिकारी जैसे बेहद महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरे पद पर चयनित होकर अपनी अद्भुत कार्यक्षमता, कठिन परिश्रम और सच्ची लगन का सर्वश्रेष्ठ परिचय दिया है।

शिक्षक पिता के संस्कारों ने दिलाई बड़ी सफलता

मनीष के पिता भरत सिंह नेगी शिक्षा विभाग से एक सेवानिवृत्त प्रवक्ता (Lecturer) हैं, जबकि उनकी माता भगवानी नेगी एक कुशल गृहिणी हैं। एक शिक्षक के घर में पले-बढ़े मनीष को बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई और अनुशासन का बेहतरीन माहौल मिला, जिसने उनके जीवन को एक नई और सही दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाई।

उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा चमियाला में पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज, भटगांव से अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। अपने पूरे छात्र जीवन के दौरान मनीष हमेशा से ही एक मेधावी, अनुशासित और अपने तय लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहने वाले छात्र के रूप में जाने जाते रहे हैं।

क्षेत्र के युवा$22a4ATओं के लिए बने रोल मॉडल

मनीष मोहन नेगी की इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे टिहरी जनपद और क्षेत्रवासियों में खुशी और सम्मान की लहर दौड़ गई है। उनके घर पर सुबह से ही बधाई देने वाले शुभचिंतकों, ग्रामीणों और मित्रों का तांता लगा हुआ है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पहाड़ के युवाओं के लिए मनीष की यह सफलता एक महान प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है। उनकी यह जीत समाज में एक बेहद मजबूत संदेश देती है कि अगर आपके पास दृढ़ संकल्प, लगातार परिश्रम करने का साहस और सकारात्मक सोच हो, तो दुनिया का कोई भी कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

Author: Rashmi Sharma

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