Business News: नेशनल हाईवे पर रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक शानदार राहत दी है। अगर आप काम के सिलसिले में रोज किसी एक ही टोल प्लाजा से बार-बार गुजरते हैं, तो अब आपको हर फेरे के लिए पूरा टोल टैक्स देने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
क्या है फास्टैग मंथली पास और इसके फायदे?
फास्टैग मंथली पास दरअसल प्रीपेड टोल भुगतान का एक बेहद किफायती जरिया है। यह पास उन लोगों के पैसों की बड़ी बचत करता है, जो रोजाना एक ही रूट पर सफर करते हैं। इसमें यूजर को किसी खास टोल प्लाजा की योजना के अनुसार पहले से ही एक निश्चित और बेहद कम राशि का डिजिटल भुगतान करना होता है।
यह पास मुख्य रूप से स्थानीय निवासियों, ऑफिस आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और कमर्शियल गाड़ी मालिकों के लिए फायदेमंद है। टोल ऑपरेटर के नियमों के अनुसार, इस मासिक पास के जरिए एक महीने के भीतर या तो असीमित बार गाड़ी ले जाने की छूट मिलती है या फिर निश्चित फेरे तय होते हैं।
एनुअल पास और मंथली पास में बड़ा अंतर
एनएचएआई के नियमों के तहत एन्युअल यानी वार्षिक पास के लिए 3,075 रुपये चुकाने होते हैं, जिसमें पूरे एक साल के लिए कुल 200 यात्राओं की सीमा मिलती है। इसके विपरीत, मंथली पास केवल एक ही टोल प्लाजा के लिए सीमित होता है, जो स्थानीय और कम दूरी की यात्राओं के लिए सबसे सस्ता पड़ता है।
मासिक पास की दरें अलग-अलग राज्यों, टोल प्लाजा की लोकेशन और उससे जुड़े बैंकों के आधार पर बदलती रहती हैं। डिजिटल माध्यम के अलावा हाइवे पर सफर करने वाले यात्रियों के पास टोल प्लाजा के पास बने पीओएस काउंटर से सीधे जाकर भी ऑफलाइन मासिक पास खरीदने का एक आसान विकल्प मौजूद रहता है।
घर बैठे ऑनलाइन ऐसे करें आवेदन
पंजीकृत फास्टैग यूजर सीधे आईएचएमसीएल (IHMCL) के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर ‘बाय मंथली फास्टैग पास’ विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपने संबंधित टोल प्लाजा का चयन करके स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड के जरिए वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा करें।
यह प्रक्रिया पूरी होते ही पेज आपको सीधे बैंक के पेमेंट गेटवे पर ले जाएगा। वहां आपको अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर या फास्टैग आईडी दर्ज करनी होगी। इसके बाद अपनी जरूरत के हिसाब से पास का प्रकार चुनें और नेट बैंकिंग या यूपीआई से भुगतान करें। पेमेंट सफल होते ही रसीद डाउनलोड कर लें।
Author: Rajesh Kumar


