टाटा स्टील में 10,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता फंसा, EPFO का दूसरा डिमांड नोटिस जारी, जानें पूरा मामला?

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Tata Steel News: टाटा स्टील के 10,800 कर्मचारियों का बहुप्रतीक्षित वेतन समझौता एक जनवरी 2025 से लगातार लंबित चल रहा है। कंपनी प्रबंधन और यूनियन नेतृत्व के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इसके बावजूद मिनिमम गारेंटेड बेनीफिट और भत्तों को लेकर दोनों पक्षों में अब तक सहमति नहीं बन पाई है।

वेतन समझौते पर मैराथन वार्ता और जल्द फैसले की उम्मीद

टाटा स्टील प्रबंधन और यूनियन के बीच चल रही इस लंबी खींचतान के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। औद्योगिक गलियारों में चर्चा है कि अत्रेयी सान्याल के शहर पहुंचते ही इस लंबित पड़े समझौते पर जल्द मुहर लग सकती है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर गुरुवार को भी एक मैराथन बैठक होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

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इस महत्वपूर्ण वार्ता में एनएस ग्रेड कर्मचारियों के बेसिक वेतन में बढ़ोतरी और नए भत्तों को शामिल करने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस बार की बातचीत से कोई सकारात्मक रास्ता जरूर निकलेगा। लंबे समय से रुके इस समझौते के फाइनल होने से हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

कर्मचारियों को ईपीएफओ से दोबारा मिला डिमांड नोटिस

वेतन विसंगतियों के बीच टाटा स्टील के कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से दूसरी बार डिमांड नोटिस मिला है। यह नोटिस उच्चतर पेंशन स्कीम के तहत जारी किया गया है। इसमें कर्मचारियों द्वारा 58 वर्ष की आयु तक जमा राशि और उच्चतर पेंशन के लिए आवश्यक अतिरिक्त राशि का पूरा विवरण दिया गया है।

ईपीएफओ के इस नए कदम से उन सभी कर्मचारियों की चिंताएं थोड़ी बढ़ गई हैं जो उच्चतर पेंशन योजना का लाभ उठाना चाहते हैं। संगठन ने साफ किया है कि पेंशन की गणना को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए ही यह प्रक्रिया दोबारा अपनाई गई है। कर्मचारियों को तय समय के भीतर इस पर कदम उठाना होगा।

अकाउंट विभाग की चूक से कर्मचारियों पर बढ़ा वित्तीय बोझ

ईपीएफओ के अनुसार, टाटा स्टील ने पहले केवल अक्टूबर 2025 तक के वेतन का विवरण जमा किया था। इसी अधूरे डेटा के आधार पर शुरुआती डिमांड राशि तय की गई थी। हालांकि, बाद में रिकॉर्ड्स की गहन जांच करने पर पता चला कि कर्मचारियों के ईपीएस से बाहर निकलने की वास्तविक तारीख दिसंबर 2025 थी।

कंपनी के अकाउंट विभाग की इस चूक के कारण नवंबर और दिसंबर 2025 का वेतन विवरण छूट गया था। अब इसका पुनर्मूल्यांकन करने के बाद सभी प्रभावित कर्मचारियों को अंतर राशि जमा करने का आदेश दिया गया है। इस गलती की वजह से अब कर्मचारियों को ब्याज सहित अतिरिक्त पैसे भुगतान करने पड़ेंगे।

भुगतान की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज

सभी कर्मचारियों को अब अंतर राशि के रूप में 33,042 रुपये और उस पर लगे ब्याज को मिलाकर कुल 33,723 रुपये जमा करने होंगे। इस बकाया राशि का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के जरिए करना होगा। यह डिमांड ड्राफ्ट क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, जमशेदपुर के पक्ष में ही बनवाना अनिवार्य किया गया है।

  • डिमांड ड्राफ्ट के पीछे अपना नाम, पावती संख्या और मोबाइल नंबर साफ अक्षरों में लिखें।
  • ड्राफ्ट के पीछे अपना यूएएन (UAN) नंबर और पीपीओ (PPO) नंबर लिखना भी बेहद जरूरी है।
  • भुगतान से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों को अपनी नियोक्ता कंपनी, टाटा स्टील से सत्यापित कराएं।
  • सत्यापित दस्तावेजों और ड्राफ्ट को तय समय सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय में जमा कर दें।

प्रबंधन ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे सभी कागजी कार्रवाई को ध्यान से पूरा करें ताकि भविष्य में पेंशन को लेकर कोई दूसरी तकनीकी समस्या न खड़ी हो। इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उच्चतर पेंशन की आगे की प्रक्रिया को ईपीएफओ द्वारा सुचारू रूप से बढ़ाया जाएगा।

Author: Rohit Mahato

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