Chennai News: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की जंग अब और भी ज्यादा तेज होने वाली है. दिग्गज कार निर्माता कंपनी हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) ने गुरुवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह इसी साल अपने चेन्नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से दो नए शानदार मॉडल बाजार में उतारेगी.
इस घोषणा में सबसे खास बात यह है कि इन दो नए वाहनों में कंपनी की पहली ‘मास-मार्केट’ यानी आम ग्राहकों के बजट वाली इलेक्ट्रिक कार शामिल होगी. हुंडई ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि वह तमिलनाडु राज्य को भारत के लिए अपना ‘फ्लैगशिप ईवी हब’ बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है.
देशभर में बिछेगा चार्जिंग नेटवर्क का जाल
सस्ती और बजट अनुकूल इलेक्ट्रिक कारें लाने की अपनी इस बड़ी योजना के तहत हुंडई चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बहुत तेजी से काम कर रही है. कंपनी का बड़ा टारगेट अगले 2 से 3 सालों के भीतर देश के सभी प्रमुख शहरों और बड़े नेशनल हाईवे तक अपनी चार्जिंग पहुंच को बहुत मजबूत करना है.
इसके लिए प्रमुख शहरी इलाकों और बड़े ट्रांजिट कॉरिडोर (रास्तों) पर हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशनों का एक बेहद मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. कंपनी के इस कदम से ग्राहकों को लंबे सफर के दौरान चार्जिंग खत्म होने की कोई फिक्र नहीं रहेगी और वे बिना किसी टेंशन के यात्रा कर सकेंगे.
ईवी इकोसिस्टम को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
हुंडई मोटर इंडिया के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग ने इस बड़े मौके पर कहा कि चेन्नई प्लांट से इसी साल दो नए मॉडल का रोल-आउट हमारे ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हम ईवी के लोकलाइजेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ एक कुशल वर्कफोर्स तैयार करने पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं.
हुंडई का तमिलनाडु से बेहद पुराना और अटूट रिश्ता रहा है. कंपनी अब तक तमिलनाडु में बनी 39 लाख से अधिक गाड़ियों को दुनिया के 150 से ज्यादा देशों में सफलतापूर्वक एक्सपोर्ट कर चुकी है. वैश्विक स्तर पर कंपनी भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की ताकत को लगातार बढ़ा रही है, जो देश के लिए गर्व की बात है.
स्थानीय स्तर पर ही बनेगी कार की बैटरी
इसके अलावा, कंपनी ने तमिलनाडु का पहला ‘बैटरी सब-असेंबली प्लांट’ भी पूरी तरह से स्थापित कर लिया है. इस प्लांट में ईवी पावरट्रेन, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और कार के अन्य मुख्य कल-पुर्जों का स्थानीय स्तर पर ही निर्माण किया जा रहा है. इससे कारों की लागत कम होगी और ग्राहकों को सीधे फायदा मिलेगा.
कंपनी का स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने का यह फैसला सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ नीति को भी जबरदस्त मजबूती देगा. भारत के तेजी से बढ़ते प्रीमियम और बजट इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में हुंडई का यह नया दांव आने वाले समय में टाटा और महिंद्रा जैसी दिग्गज घरेलू कंपनियों को कड़ी टक्कर देने वाला है.
Author: Karan Kumar


