बदला नियम, बदली जेब! 1 जून से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम, सीधा पड़ेगा आपके मंथली बजट पर असर

Delhi News: नया महीना शुरू होते ही देश में पैसों के लेन-देन, टैक्स, शेयर बाजार और आपके रोजमर्रा के खर्चों से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं। इन महत्वपूर्ण बदलावों का सीधा और बड़ा असर आपके घरेलू बजट पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि नौकरीपेशा और आम उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला है।

जिन टैक्सपेयर्स की अनुमानित टैक्स देनदारी ₹10,000 से अधिक है, उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने एडवांस टैक्स की पहली किस्त 15 जून तक जमा करनी होगी। इस तारीख तक कुल टैक्स का 15% हिस्सा चुकाना जरूरी है। पहली बार यह किस्त नए आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के तहत जमा होगी।

देरी करने पर हर महीने 1% का अतिरिक्त ब्याज लगेगा। वहीं, पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले कर्मचारियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब हॉस्टल भत्ता छूट बढ़ाकर ₹9,000 प्रति माह और चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस की छूट बढ़ाकर ₹3,000 प्रति बच्चा प्रति माह कर दी गई है।

एचआरए छूट और यूपीआई का नया धांसू फीचर

मकान किराए में छूट के मामले में बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों को अब 50% एचआरए छूट वाली लिस्ट में शामिल कर लिया गया है। ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए एनपीसीआई नया ‘सत्यापित नाम’ फीचर लाया है। अब क्यूआर कोड स्कैन करते ही स्क्रीन पर खाताधारक का असली नाम दिखेगा।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ अब यूपीआई के जरिए पीएफ का पैसा तुरंत ट्रांसफर करने की सुविधा का परीक्षण कर रहा है। इससे आपातकाल में कर्मचारियों को उनका पैसा बहुत तेजी से मिल सकेगा। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों के लिए यह महीना थोड़ा जेब ढीली करने वाला साबित होगा।

क्रेडिट कार्ड के नियमों में हुए ये बड़े बदलाव

कोटक महिंद्रा बैंक ने यूटिलिटी बिल, ईंधन और रेंट पेमेंट पर रिवॉर्ड पॉइंट्स की लिमिट तय कर दी है। साथ ही किराए या शिक्षा भुगतान पर 1% का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। अमेज़न पे आईसीआईसीआई कार्ड से 18 जून से किराया चुकाने पर 1% का रिवॉर्ड मिलना बंद हो जाएगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने 23 जून से ‘वन को-ब्रांडेड’ क्रेडिट कार्ड पर बकाया राशि की ब्याज दर बढ़ाकर 3.75% प्रति माह कर दी है। एचडीएफसी बैंक ग्राहकों को अब 25 जून से केवल ₹100 से ऊपर के यूपीआई भुगतान और ₹500 से ज्यादा की प्राप्ति पर ही एसएमएस अलर्ट भेजेगा।

शेयर बाजार और सोलर सिस्टम के नए नियम

फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट में ट्रेडिंग करने वालों के लिए सेबी का 50:50 मार्जिन नियम अब पूरी तरह अनिवार्य हो गया है। इस नियम के तहत, ट्रेडर्स को अपने कुल ट्रेडिंग मार्जिन का कम से कम 50% हिस्सा नकद या कैश जैसे लिक्विड साधनों में ही रखना होगा।

अब आप केवल अपने पास मौजूद शेयरों को गिरवी रखकर पूरा मार्जिन हासिल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, सरकारी सब्सिडी वाले सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल एएलएमएम सूची के प्रमाणित सोलर मॉड्यूल ही लगेंगे। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के इस नियम से घरों में सोलर लगवाना थोड़ा महंगा हो सकता है।

Author: Rajesh Kumar

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