Business News: रुपए में लगातार गिरावट को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। अब अधिकृत डीलर बैंकों को दिन के अंत तक रुपए में अपनी ओपन पोजीशन 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखनी होगी। इस कदम का मकसद सट्टेबाजी पर लगाम लगाना है।
रुपए पर बढ़ता दबाव, आरबीआई ने उठाया कदम
यह फैसलाऐसे समय आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा है। इससे व्यापार घाटे पर असर पड़ा है और रुपए पर दबाव बढ़ गया है। आरबीआई ने सभी वाणिज्यिक बैंकों को यह सीमा 10 अप्रैल तक लागू करने का निर्देश दिया है। जरूरत पड़ने पर बाजार की स्थिति के अनुसार इस सीमा में बदलाव भी किया जा सकता है।
94 के स्तर को पार कर गया रुपया, 4 फीसदी से अधिक की गिरावट
शुक्रवार कोरुपया पहली बार 94 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे चला गया। इसमें करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक रुपए में कुल मिलाकर 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। यह आरबीआई के अक्टूबर में तय 70 डॉलर के अनुमान से काफी अधिक है।
विशेषज्ञों की राय, रुपए में सुधार की संभावना
विशेषज्ञोंका कहना है कि अगर गिरावट जारी रही तो आरबीआई और सख्त कदम उठा सकता है। रुपए को सहारा देने के लिए केंद्रीय बैंक ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार का काफी इस्तेमाल किया है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, रुपया आने वाले समय में सुधरकर 91 प्रति डॉलर तक पहुंच सकता है। 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड भी घटकर 6.65 फीसदी तक आ सकती है। इसमें 2 से 3 महीने लग सकते हैं।
कच्चे तेल की कीमतें बनी बड़ी चुनौती
कच्चेतेल की ऊंची कीमतों से भारत का आयात बिल बढ़ा है। इससे महंगाई और मुद्रा संतुलन बनाए रखना आरबीआई के लिए मुश्किल हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था अभी स्थिर है। हालांकि, अगर वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो चालू खाता घाटा बढ़ सकता है। इसका असर आर्थिक विकास और महंगाई पर भी पड़ सकता है।


