New Delhi News: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने सोमवार को आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक परिस्थितियां बेहद अनिश्चित हो गई हैं। मंत्री ने आगाह किया कि वर्तमान स्थितियों को देखते हुए निकट भविष्य में संघर्षविराम की संभावना बहुत कम नजर आ रही है। इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहा है।
विदेशी मुद्रा बचाने के लिए व्यक्तिगत प्रयासों की जरूरत
अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा कि इस संकटपूर्ण समय में प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग अपने दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में ऐसे उपायों की पहचान करें जिनसे विदेशी मुद्रा की बचत संभव हो सके। सरकार का मानना है कि यदि नागरिक सामूहिक रूप से प्रयास करें, तो देश की आर्थिक बुनियाद को बाहरी झटकों से सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने निर्यात बढ़ाकर विदेशी मुद्रा अर्जित करने पर भी बल दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिए ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने के मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों का मुकाबला करने में सहयोग मांगा है। उन्होंने विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल के विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया है कि लोग अपनी यात्राओं के लिए मेट्रो रेल, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें। इसके अलावा, पार्सल भेजने के लिए सड़क परिवहन के बजाय रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और संभव होने पर ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाने का आह्वान किया है।
वैश्विक संघर्ष का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
मंत्री वैष्णव के अनुसार, पड़ोस में जारी दो देशों के बीच का युद्ध पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आने से भारत जैसे आयात प्रधान देश के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में विदेशी मुद्रा का संरक्षण करना राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है। उन्होंने उद्योग जगत के दिग्गजों से भी अनुरोध किया कि वे प्रधानमंत्री के इस आह्वान को अपने व्यवसायों में लागू करें और देशहित में योगदान दें।
परिवहन और कार्यशैली में बदलाव की अपील
सरकार का लक्ष्य है कि आयात पर निर्भरता कम की जाए ताकि विदेशी मुद्रा भंडार सुदृढ़ बना रहे। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छोटे-छोटे बदलाव जैसे सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग और ऊर्जा की बचत भविष्य में बड़े परिणाम दे सकते हैं। प्रधानमंत्री के विजन को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को भी लॉजिस्टिक्स और परिचालन में ऐसे नवाचार करने चाहिए जो ईंधन की खपत कम करें। यह न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी होगा, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
अनिश्चित भविष्य के लिए तैयार रहने का संदेश
सम्मेलन के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। अश्विनी वैष्णव ने उद्योगपतियों और नागरिकों को लंबी अवधि की अनिश्चितता के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने को कहा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीयों के साझा प्रयासों से देश इस वैश्विक संकट से सफलतापूर्वक बाहर निकल आएगा। सरकार निरंतर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक आर्थिक कदम उठा रही है, लेकिन जनभागीदारी इस पूरी प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।


