Delhi News: आजकल देश के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर सामान्य हवा के साथ-साथ नाइट्रोजन गैस भरने की सुविधा तेजी से बढ़ रही है। बहुत से वाहन चालक यह मानकर नाइट्रोजन डलवा रहे हैं कि इससे उनकी कार का माइलेज अचानक बढ़ जाएगा। हालांकि, ऑटो एक्सपर्ट्स इस दावे को पूरी तरह सच नहीं मानते हैं।
क्या सचमुच नाइट्रोजन गैस से गाड़ियों का माइलेज बढ़ जाता है?
विशेषज्ञों के अनुसार नाइट्रोजन एक सूखी और बेहद ठंडी गैस होती है, जो सामान्य हवा के मुकाबले टायर के दबाव को लंबे समय तक स्थिर रखती है। जब टायर का प्रेशर सही रहता है, तो सड़क पर गाड़ी का रोलिंग रेजिस्टेंस कम हो जाता है। इसी वजह से ईंधन की मामूली बचत जरूर देखी जा सकती है।
इसके विपरीत, सामान्य हवा में नमी की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे गर्मियों के मौसम में टायर का तापमान और प्रेशर बहुत जल्दी बदलता है। नाइट्रोजन गैस का तापमान स्थिर रहने के कारण ही इसका उपयोग बड़े हवाई जहाजों और रेसिंग कारों के टायरों में अनिवार्य रूप से किया जाता है।
जानिए ईंधन की बचत करने और माइलेज बढ़ाने का असली फॉर्मूला
अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ नाइट्रोजन भरवाने से कार का माइलेज जादुई रूप से बढ़ जाएगा, तो आप बिल्कुल गलत हैं। कार का माइलेज सबसे ज्यादा आपके वाहन चलाने के तरीके, समय पर उचित सर्विसिंग और सही टायर प्रेशर बनाए रखने पर पूरी तरह निर्भर करता है।
सड़क पर अचानक तेज एक्सीलेटर दबाना, बार-बार हार्ड ब्रेकिंग करना और खराब मेंटेनेंस ही असल में ईंधन की सबसे ज्यादा खपत बढ़ाते हैं। यदि आप सामान्य हवा का प्रेशर भी नियमित रूप से सही रखते हैं, तो आपकी कार बिना किसी अतिरिक्त खर्च के बेहतरीन माइलेज दे सकती है।
Author: Karan Kumar

