Automobile News: गैराज या वर्कशॉप में गाड़ी की सर्विस के दौरान आपने अक्सर मैकेनिकों को इंजन के कलपुर्जों को पेट्रोल से साफ करते देखा होगा। पेट्रोल को एक शक्तिशाली क्लीनिंग एजेंट माना जाता है, लेकिन इसकी ज्वलनशील प्रकृति के कारण सुरक्षा पर हमेशा सवाल उठते हैं। हालांकि यह सफाई में बहुत प्रभावी है, पर इसके इस्तेमाल के दौरान बरती गई जरा सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
सफाई के लिए क्यों बेहतर माना जाता है पेट्रोल?
तकनीकी रूप से पेट्रोल एक उत्कृष्ट ‘सॉल्वेन्ट’ (Solvent) है। इसमें तेल, ग्रीस और जमा हुए जिद्दी कार्बन को घोलने की अद्भुत क्षमता होती है। जब इंजन के हिस्सों पर गंदगी की मोटी परत जम जाती है, तो साधारण पानी या साबुन उसे पूरी तरह साफ नहीं कर पाते। ऐसे में पेट्रोल का उपयोग करने से पुर्जों पर जमा गंदगी मिनटों में साफ हो जाती है और पार्ट्स बिल्कुल नए जैसे चमकने लगते हैं।
समय की बचत और सुखाने में आसानी
पेट्रोल का सबसे बड़ा फायदा इसकी ‘वाष्पीकरण’ (Evaporation) क्षमता है। पानी या अन्य केमिकल्स की तुलना में पेट्रोल बहुत जल्दी हवा में उड़ जाता है। इसका मतलब है कि सफाई के तुरंत बाद पार्ट्स सूख जाते हैं और मैकेनिक उन्हें बिना इंतज़ार किए गाड़ी में वापस फिट कर सकता है। इससे सर्विसिंग के समय में काफी बचत होती है और काम की गति बढ़ जाती है।
ज्वलनशीलता: सबसे बड़ा सुरक्षा जोखिम
फायदों के बावजूद, पेट्रोल का इस्तेमाल जोखिम भरा है क्योंकि यह अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है। यदि सफाई के दौरान आसपास कोई चिंगारी हो या इंजन का कोई हिस्सा बहुत गर्म हो, तो तुरंत आग लग सकती है। इसीलिए पेशेवर मैकेनिक इसे हमेशा खुले और हवादार स्थान पर इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, पेट्रोल कुछ रबर की सील और प्लास्टिक के हिस्सों को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
घर पर खुद सफाई करने से बचें
विशेषज्ञों की राय है कि वाहन मालिकों को घर पर खुद से पेट्रोल के जरिए सफाई का प्रयास नहीं करना चाहिए। वर्कशॉप में मैकेनिकों के पास आग बुझाने के उपकरण और सुरक्षा की समझ होती है, जबकि घर पर यह जानलेवा साबित हो सकता है। यदि आप अपनी गाड़ी के पुर्जे साफ करना चाहते हैं, तो बाजार में उपलब्ध ‘डिग्रीजर’ या विशेष क्लीनिंग स्प्रे का चुनाव करें जो पेट्रोल के मुकाबले अधिक सुरक्षित होते हैं।


