बंगाल चुनाव में बड़ा धमाका: हुमायूं कबीर का ममता बनर्जी पर ‘कैंडिडेट खरीदने’ का आरोप, वोटिंग के बीच जमकर हुआ बवाल

West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मुर्शिदाबाद में जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कबीर का दावा है कि ममता बनर्जी की पार्टी ने उनके दर्जनों उम्मीदवारों को मोटी रकम देकर खरीद लिया है। मतदान के दौरान कबीर को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। टीएमसी समर्थकों ने उनके खिलाफ ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए और उनके वाहन को घेर लिया।

मतदान केंद्र पर हुमायूं कबीर का घेराव

मुर्शिदाबाद जिले की नौदा विधानसभा सीट के शिबनगर गांव में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब हुमायूं कबीर वहां पहुंचे। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने उनके काफिले को रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने कबीर को ‘भाजपा का एजेंट’ बताते हुए जमकर नारेबाजी की। हुमायूं कबीर भरतपुर से मौजूदा विधायक हैं और वर्तमान में अपनी नई पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं। इस हंगामे के कारण पोलिंग बूथ के बाहर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

केंद्रीय बलों ने संभाला मोर्चा

विरोध प्रदर्शन बढ़ता देख वहां तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। जवानों ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर कबीर के वाहन के लिए रास्ता साफ किया। एजेयूपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी के लोगों ने उनके बूथ अध्यक्ष के साथ घर में घुसकर मारपीट की है। हुमायूं कबीर को पिछले साल बाबरी मस्जिद जैसी संरचना के निर्माण का प्रस्ताव देने के कारण तृणमूल से निलंबित कर दिया गया था। तभी से उनके और ममता बनर्जी के बीच राजनीतिक दरार काफी गहरी हो गई है।

27 उम्मीदवारों को खरीदने का सनसनीखेज आरोप

हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि तृणमूल ने उनके 27 उम्मीदवारों को बैठा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्येक उम्मीदवार को 9 लाख से 30 लाख रुपये तक दिए गए। कबीर ने कहा कि उन्होंने 142 सीटों पर लड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन अब केवल 115 सीटों पर ही सिमट गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर मतदाताओं के ध्रुवीकरण और ‘हिंदू तुष्टीकरण’ का आरोप भी लगाया। कबीर का दावा है कि मुस्लिम वोट बैंक अब ममता के हाथ से निकल चुका है।

ममता बनर्जी की रणनीति पर उठाए सवाल

एजेयूपी प्रमुख ने दावा किया कि ममता बनर्जी ने मंदिर निर्माण और हिंदू धार्मिक नेताओं के अनुदान पर काफी पैसा खर्च किया है। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री अब मुस्लिम मतदाताओं की परवाह नहीं कर रही हैं। भाजपा की जीत के सवाल पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 4 मई को नतीजे आने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी। कबीर ने यह भी कहा कि चुनाव के बाद अमित शाह बंगाल का दौरा करना छोड़ देंगे। इस विवाद ने बंगाल की चुनावी तपिश को और बढ़ा दिया है।

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