हिमाचल में अवैध खनन पर पुलिस का काल: जेसीबी और टिप्पर अब सीधे होंगे जब्त, DGP ने जारी किए बेहद सख्त निर्देश

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाले खनन माफियाओं पर अब पुलिस और भी ज्यादा सख्त होने जा रही है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत अवैध खनन में शामिल भारी मशीनों पर किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। सरकार ने खनन कानूनों के तहत मामलों के निपटारे की पुरानी प्रक्रिया में बदलाव करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

भारी वाहनों पर बरती जाएगी शून्य सहनशीलता

पुलिस मुख्यालय की नई नियमावली के अनुसार अब टिप्पर, जेसीबी और एक्स्कावेटर जैसे भारी वाहनों को अवैध खनन में पकड़े जाने पर तुरंत जब्त किया जाएगा। इन मशीनों के मालिकों को अब मौके पर चालान या कंपाउंडिंग की सुविधा नहीं मिलेगी। पुलिस इन वाहनों को अनिवार्य रूप से संबंधित अधिकार क्षेत्र की अदालत में पेश करेगी। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि भारी मशीनरी के मामलों में समझौता करने की कोई गुंजाइश नहीं है। इससे बड़े खनन माफियाओं पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।

छोटे वाहनों के लिए मौके पर चालान की व्यवस्था

नए निर्देशों में पुलिस ने ट्रैक्टर और खच्चरों जैसे छोटे साधनों को लेकर आंशिक राहत दी है। यदि छोटे स्तर पर अवैध या अनियमित खनन पाया जाता है, तो पुलिस मौके पर चालान कर कंपाउंडिंग कर सकेगी। हालांकि, इसके लिए अधिकारियों को पूरा कानूनी रिकॉर्ड सही तरीके से रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी जहां कानून इसकी अनुमति देता है। इसका उद्देश्य छोटे किसानों और स्थानीय लोगों के छोटे कार्यों को जटिल कानूनी प्रक्रिया से बचाना है।

खनन सामग्री की नीलामी में आएगी तेजी

अवैध खनन के दौरान जब्त की गई सामग्री जैसे रेत, बजरी और पत्थर के निपटान के लिए भी नई समय सीमा तय की गई है। पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि जब्त सामग्री को लंबे समय तक थानों में रखने के बजाय खनन विभाग के माध्यम से जल्द नीलाम किया जाएगा। इससे सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी और मामलों के लंबित रहने की समस्या खत्म होगी। नीलामी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए संबंधित विभागों को आपस में बेहतर समन्वय बनाने के आदेश दिए गए हैं।

लापरवाह अधिकारियों पर होगी कड़ी विभागीय कार्रवाई

डीजीपी अशोक तिवारी ने राज्य के सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है। मुख्यालय ने कहा है कि यदि किसी भी स्तर पर इन निर्देशों की अवहेलना पाई गई, तो संबंधित पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन पर गंभीर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। यह नए निर्देश जून 2025 में जारी किए गए पिछले आदेशों के पूरक के तौर पर काम करेंगे और तुरंत प्रभावी माने जाएंगे।

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