महिला आरक्षण पर संसद में संग्राम: अखिलेश के ‘सास-बहू’ वाले तंज पर स्मृति ईरानी का पलटवार, अमित शाह ने भी घेरा

India News: संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान भारी सियासी ड्रामा हुआ। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और स्मृति ईरानी के बीच तीखी बहस हुई। अखिलेश ने आरक्षण पर सवाल उठाते हुए स्मृति पर तंज कसा। जवाब में ईरानी ने पलटवार कर पारिवारिक राजनीति की याद दिलाई। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को कड़ा जवाब दिया। सदन में महिला आरक्षण और जनगणना के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए।

अखिलेश यादव का स्मृति ईरानी पर करारा तंज

अखिलेश यादव ने सदन में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर अपनी पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने पार्टी के आधार पर महिला आरक्षण का प्रावधान करने की जोरदार मांग की। अपने भाषण में उन्होंने पूर्व सांसद स्मृति ईरानी का भी जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सीट रिजर्व करने से महिलाओं के बीच ही मुकाबला होगा। उन्होंने आगे कहा कि सास बहू वाली नेता तो चुनाव हार गई हैं, अब उनकी पार्टी को मौका मिलेगा।

स्मृति ईरानी का सोशल मीडिया पर तीखा पलटवार

अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद स्मृति ईरानी ने तुरंत कड़ा जवाब दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि विरासत में राजनीति पाने वाले आज अपने दम पर मुकाम बनाने वालों पर टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में कभी कोई नौकरी नहीं की। ईरानी ने उन्हें टीवी सीरियल छोड़कर संसद के काम पर ध्यान देने और महिलाओं का अहम बिल पास कराने की नसीहत दी।

जातिगत जनगणना पर शाह और अखिलेश में तीखी नोकझोंक

अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की जाति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में पीएम खुद को पिछड़ा बताते हैं, लेकिन हक देते समय सरकार पीछे हट जाती है। इस पर अमित शाह ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर देश में भ्रम फैला रहा है। शाह ने स्पष्ट किया कि काम शुरू हो चुका है और सरकार जातिगत जनगणना भी जरूर कराएगी। अभी सिर्फ घरों की गिनती हो रही है और घरों की कोई जाति नहीं होती है।

सपा के दावों पर अमित शाह का करारा प्रहार

अमित शाह ने अखिलेश यादव की बातों पर चुटकी लेते हुए तीखा प्रहार किया। उन्होंने तंज कसा कि अगर समाजवादी पार्टी की चले तो वे घरों की भी जाति तय कर देंगे। शाह ने सपा को चुनौती दी कि यदि वे महिलाओं के हितैषी हैं, तो सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे दें। सरकार को इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी। शाह के इस कड़े बयान के बाद संसद में सत्ता और विपक्ष के बीच भारी हंगामा देखने को मिला।

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