Himachal News: राजधानी शिमला में एक मुस्लिम बेटी की शादी के रिसेप्शन को लेकर बड़ा विवाद छिड़ गया है। राम मंदिर के कम्युनिटी हॉल में इस कार्यक्रम का आयोजन होना है। हिंदू संघर्ष समिति ने इसका कड़ा विरोध किया है। समिति ने शनिवार को सामूहिक मुंडन कराने का ऐलान किया है। यह विरोध प्रदर्शन दोपहर तीन बजे शुरू होगा। इस घटनाक्रम से पूरे शहर में भारी तनाव का माहौल बन गया है। प्रशासन हालात पर अपनी कड़ी नजर रख रहा है।
विरोध में उतरे संगठन, सूद सभा पर उठाए सवाल
हिंदू संघर्ष समिति के सह संयोजक मदन ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इस आयोजन का कड़ा विरोध किया है। ठाकुर ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर का संचालन करने वाली सूद सभा की कार्यप्रणाली को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि जब हिंदुओं पर कोई संकट आता है, तब कुछ लोग चुप रहते हैं। अब लोग भाईचारे की बात कर रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा- मंदिर और हॉल बिल्कुल अलग हैं
दूसरी तरफ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि मंदिर का धार्मिक स्थल और कम्युनिटी हॉल दोनों बिल्कुल अलग हैं। कम्युनिटी हॉल में किसी भी धर्म का सामाजिक कार्यक्रम करना गलत नहीं है। राम मंदिर कमेटी ने भी साफ किया है कि यहां केवल दावत होगी। कोई भी धार्मिक रस्म यहां नहीं निभाई जाएगी। भाजपा हमेशा सभी देशवासियों को एक समान मानती है। पार्टी कट्टरता का समर्थन नहीं करती है।
पच्चीस सालों से सभी धर्मों के होते रहे हैं आयोजन
स्थानीय पार्षद सरोज ठाकुर ने भी इस पूरे विवाद को एकदम अनावश्यक करार दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले पच्चीस सालों से इस हॉल में कार्यक्रम होते रहे हैं। यहां हमेशा अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग अपने समारोह आयोजित करते हैं। सरोज ठाकुर खुद भी कई मुस्लिम परिवारों के आयोजनों में यहां शामिल हो चुकी हैं। जो परंपरा सालों से आपसी प्रेम से चल रही थी, आज उस पर अकारण ही कुछ लोगों द्वारा आपत्ति जताई जा रही है।
दुल्हन के पिता ने शांति बनाए रखने की अपील की
इस विवाद के बीच दुल्हन के पिता मोहम्मद नासिर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया कि निकाह की रस्म मस्जिद में ही पूरी की जाएगी। राम मंदिर के हॉल में केवल मेहमानों के लिए सादा भोज रखा गया है। नासिर ने बताया कि उनके परिवार की यह पहली शादी नहीं है जो यहां हो रही है। उन्होंने हिंदू संगठनों से अपील की है कि उनकी बेटी की शादी को बिना किसी हंगामे के शांतिपूर्ण तरीके से होने दिया जाए।


