Himachal Pradesh News: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर शिमला में ऐतिहासिक आयोजन हुआ। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा आयोजित विशेष मिनी मैराथन में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौड़ में युवाओं, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और देश-विदेश से आए पर्यटकों सहित सैकड़ों नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति के लिए अनूठी पहल
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन के पीछे तीन बड़े मुख्य सामाजिक संदेश छिपे थे। पहला उद्देश्य पर्यावरण का बेहतर संरक्षण करना था। दूसरा मुख्य लक्ष्य राज्य से जानलेवा हेरोइन यानी चिट्टा के जहर को खत्म करना था। इसके साथ ही चल रही राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाना था।
यह भव्य दौड़ दस किलोमीटर और तीन किलोमीटर की दो श्रेणियों में आयोजित हुई। मैराथन का भव्य सफर शिमला के मशहूर रिज मैदान से शुरू होकर वहीं पर संपन्न हुआ। अलग-अलग आयु वर्ग के धावकों की भारी उपस्थिति ने इस बड़े सामाजिक अभियान को अपना भरपूर जनसमर्थन दिया।
डीएसपी अजय ठाकुर ने बढ़ाया युवाओं का जोश
राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी और पुलिस विभाग के डीएसपी अजय ठाकुर ने इस बेहतरीन पहल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का यह अभियान बेहद सराहनीय कदम है। इस बार दौड़ का मुख्य नारा ‘चिट्टा पर प्रहार, हिमाचल है तैयार’ रखा गया है, जो बहुत प्रभावी है।
अजय ठाकुर ने आगे बताया कि इसका सीधा मकसद नई पीढ़ी को खतरनाक ड्रग्स से दूर रखना है। इससे राज्य का वातावरण बिल्कुल स्वस्थ और सुरक्षित रहेगा। पुलिस महानिदेशक और पूरा विभाग कई वर्षों से इस तरह के प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन लगातार सफलता के साथ करता आ रहा है।
उन्होंने देश की जनता से अपील की कि वे अपने आसपास के माहौल को हमेशा साफ रखें। पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए सभी लोग बड़े पैमाने पर पौधारोपण करें। इस प्रकार के निरंतर प्रयासों से ही हमारा भविष्य पूरी तरह सुरक्षित और पूरी तरह स्वस्थ रह सकता है।
पुणे के डॉक्टर और स्थानीय युवाओं में दिखा उत्साह
महाराष्ट्र के पुणे शहर से आए डॉक्टर रोहन ने भी इस मैराथन में दौड़ लगाई। उन्होंने कहा कि वह केवल इस दौड़ का हिस्सा बनने के लिए शिमला आए हैं। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रोज व्यायाम करने की सलाह दी।
स्थानीय कॉलेज छात्रा हरलीन कौर ने नशे की लत से निपटने के लिए जागरूकता को जरूरी बताया। उन्होंने मांग की कि प्रशासन को ड्रग्स की सप्लाई चेन पर सख्त प्रहार करना चाहिए। स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से ऐसे शिक्षाप्रद अभियान चलाए जाने बेहद जरूरी हैं।
एक अन्य छात्रा रिया शर्मा ने भी सुबह जल्दी उठकर इस महाअभियान का हिस्सा बनने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा और नशे के खिलाफ जंग दोनों ही हमारे अस्तित्व के लिए जरूरी हैं। इस दौड़ ने समाज को एक बहुत ही मजबूत संदेश दिया है।
शिमला के मेयर ने रोपे सैकड़ों चिनार के पौधे
शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान ने खुद इस दौड़ में हिस्सा लेकर सबका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह मैराथन मुख्यमंत्री के विजन को आगे बढ़ाती है। इस बड़े आयोजन के माध्यम से युवाओं में नशे के खिलाफ एक अनोखा संकल्प और नया जोश देखने को मिला है।
मेयर ने बताया कि मैराथन खत्म होने के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चिनार के पांच सौ पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही डिजिटल जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने शिमला शहर को सुंदर और पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील की।
Author: Sunita Gupta

