Indore News: इंदौर में एक साल के बच्चे के गले में जिंदा मछली फंसने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बच्चे की सर्जरी करके डॉक्टरों ने उसकी जान बचाई। छोटे बच्चे अक्सर खेल-खेल में या खाते-पीते समय गले में कुछ फंसा लेते हैं। ऐसी स्थिति में सही फर्स्ट एड जानना बेहद जरूरी है।
इंदौर में हैरान करने वाला मामला, मासूम के गले में फंसी मछली
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक साल के बच्चे के गले में जिंदा मछली फंस गई। परिवार वाले तुरंत बच्चे को अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने आपात सर्जरी करके मछली को निकाला और बच्चे की जान बचा ली। यह घटना छोटे बच्चों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति सजग रहने का संकेत देती है।
बच्चे के गले में कुछ अटके तो सबसे पहले यह करें
पीडियाट्रिशियन डॉ. रवि मलिक ने सोशल मीडिया पर एक जरूरी वीडियो शेयर किया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही बच्चा चोक करने लगे, सबसे पहले यह देखें कि बच्चा खांस रहा है या नहीं। अगर बच्चा जोर से खांस रहा है तो अटकी हुई चीज अपने आप बाहर निकल सकती है। इस स्थिति में घबराएं नहीं।
पीठ थपथपाने का सही तरीका जानें
अगर बच्चा खांसकर चीज नहीं निकाल पा रहा है तो तुरंत यह तरीका अपनाएं। बच्चे को अपने फोरआर्म (हथेली से कोहनी तक का हिस्सा) पर पेट के बल लिटाएं। इस पोजीशन में बच्चे का सिर नीचे की तरफ होना चाहिए। बच्चे का मुंह थोड़ा खोल दें। अब अपनी हथेली के किनारे से बच्चे की पीठ पर हल्के से थपथपाएं। ऐसा करने से अटकी चीज बाहर आ जाएगी।
छाती दबाने की प्रक्रिया भी है कारगर
डॉ. मलिक के अनुसार, पीठ थपथपाने के बाद भी अगर चीज नहीं निकली है तो बच्चे को सीधा लिटाएं। अब उसकी छाती के बीच में दो उंगलियों से हल्का-हल्का दबाएं। इस तरह पांच बार प्रेस करें। इसके बाद भी अगर चीज नहीं निकली है तो फिर से बच्चे को पेट के बल लिटाकर पीठ थपथपाएं। यह प्रक्रिया दोहराने से आमतौर पर चीज निकल जाती है।
खतरनाक लक्षण दिखें तो तुरंत ले जाएं डॉक्टर के पास
अगर सभी तरीके आजमाने के बाद भी बच्चे के गले से चीज नहीं निकलती है तो सतर्क हो जाएं। बच्चे का शरीर नीला पड़ने लगे, वह चोक करने लगे या उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगे तो देर न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जाएं। डॉक्टर की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।


