Uttarakhand News: सरोवर नगरी नैनीताल में सीवर की गंदगी एक लाइलाज बीमारी बनती जा रही है। इस लापरवाही की वजह से विश्व प्रसिद्ध नैनी झील लगातार प्रदूषित हो रही है। इससे यहां आने वाले सैलानियों के बीच भी बेहद गलत संदेश जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग और व्यापारी काफी परेशान हैं।
बारिश ने खोली पोल, कलेक्ट्रेट मार्ग पर बही गंदगी
शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने जल संस्थान के दावों की पोल खोलकर रख दी। बारिश के दौरान शहर की सीवर लाइन अचानक ओवरफ्लो हो गई। इसी बीच कलेक्ट्रेट मार्ग पर फांसी गधेरे के पास सीवर लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे हजारों लीटर सीवर का गंदा पानी सीधे बहकर नैनी झील में समा गया।
नयना देवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि कलेक्ट्रेट मार्ग से रोजाना जिले के आला अधिकारी गुजरते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से इस गंभीर समस्या की तरफ किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई।
वीडियो वायरल होने के बाद जागा प्रशासन
सीवर लाइन टूटने और झील में गंदगी मिलने का यह नजारा वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया। इंटरनेट मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने और चौतरफा फजीहत के बाद जल संस्थान के कर्मचारी तुरंत हरकत में आए और मरम्मत का काम शुरू किया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते सीवर लाइनों का रखरखाव नहीं किया गया, तो मानसून के दौरान स्थिति और भी भयावह हो सकती है। सुंदर और स्वच्छ नैनी झील को बचाने के लिए प्रशासन को इस तरह की संवेदनशील समस्याओं पर ठोस और स्थाई कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
Author: Harish Rawat


