Himachal Pradesh News: जिला शिमला के स्कूलों के पास चलने वाली दुकानों के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने साफ किया है कि अब भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट के बाद ही दुकानदारों के लाइसेंस जारी होंगे। बिना जांच के परमिशन देने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
उपायुक्त ने तंबाकू नियंत्रण समिति की बैठक में यह कड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने पुराने जारी हो चुके सभी लाइसेंसों की समीक्षा करने के भी आदेश दिए हैं। अब स्कूल के प्रधानाचार्य को अपने परिसर के सौ गज के भीतर औचक निरीक्षण करने का पूरा कानूनी अधिकार मिलेगा।
कोटपा कानून के नियमों का सख्ती से होगा पालन
अदालत के निर्देशानुसार किसी भी शिक्षण संस्थान के सौ मीटर के दायरे में सिगरेट, बीड़ी या कोई भी तंबाकू उत्पाद बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बसंतपुर ब्लॉक में दुकानदारों ने खुद तंबाकू न बेचने का लिखित संकल्प लेकर एक बेहतरीन सामूहिक पहल की शुरुआत की है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तंबाकू मुक्त परिसर बॉक्स लगाए हैं। मरीज और तीमारदार अस्पताल में प्रवेश से पहले अपने तंबाकू उत्पाद इस बॉक्स में डालते हैं। शिमला के मॉल रोड पर हुए एक विशेष सर्वेक्षण में कई चौंकाने वाली बातें भी सामने आई हैं।
खुली सिगरेट बेचने पर जेल और भारी जुर्माना
कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर दो सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अठारह साल से कम उम्र के बच्चों को ऐसे उत्पाद बेचना या उनसे बिकवाना गंभीर अपराध है। बिना सचित्र चेतावनी वाले पैकेट बेचना भी कानूनन जुर्म माना जाएगा।
राज्य में खुली सिगरेट या बीड़ी बेचना पूरी तरह बैन है। इसका उल्लंघन करने पर पहली बार में तीन महीने की जेल या पचास हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है। दोबारा पकड़े जाने पर एक साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माना लगेगा।
Reported By: Sunita Gupta


