Ayodhya News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों से भारी धनराशि की कथित चोरी और गबन मामले को लेकर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े लोग यदि इस गंभीर मुद्दे को उठा रहे हैं, तो सरकार को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए।
उनका साफ कहना था कि बिना धुएं के कभी आग नहीं निकलती है। जो बड़े सवाल इस समय उठ रहे हैं, उनकी तुरंत एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। इस संवेदनशील मामले में जरा भी ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए ताकि सच सबके सामने आ सके।
गोंडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बृजभूषण सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन से अपने पुराने और गहरे जुड़ाव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनका पूरा छात्र जीवन पवित्र अयोध्या नगरी में ही बीता है। इस वजह से उनका आंदोलन के लगभग सभी प्रमुख नेताओं से सीधा संबंध रहा।
उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा के दौरान उन्होंने स्वयं मुख्य वाहन चलाने का काम किया था। कारसेवकों पर हुए कुख्यात गोलीकांड से ठीक पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। बाबरी ढांचा विध्वंस मामले के नामजद आरोपियों में भी वह शामिल रहे थे।
आंदोलनकारी विनय कटियार के सवालों को हल्के में न ले सरकार
बृजभूषण सिंह ने कहा कि पूर्व सांसद विनय कटियार और अन्य वरिष्ठ आंदोलनकारी यदि राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, तो उनकी बातों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। इन समर्पित लोगों के सवालों में जरूर कुछ न कुछ दम है।
उन्होंने आगे सचेत करते हुए कहा कि यह गंभीर मामला अब सिर्फ ट्रस्ट की चहारदीवारी तक सीमित नहीं रह गया है। इस विवाद की सीधी उंगली अब सीधे केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ भी उठ रही है। इसलिए मामले की पूरी तह तक जाना बेहद जरूरी है।
पूर्व सांसद ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से देख रहे हैं। जल्द ही इस पूरे विवाद की असली सच्चाई देश के सामने आ जाएगी। व्यवस्था संभालने वाले लोगों को ही इस वित्तीय अनियमितता का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह के पुख्ता दस्तावेज और संगीन आरोप मीडिया के सामने आ रहे हैं, उससे करोड़ों राम भक्तों और श्रद्धालुओं के बीच गंभीर सवाल पैदा हो गए हैं। इस घटना से जनभावनाओं को बहुत बड़ा झटका लगा है, जिसकी जिम्मेदारी ट्रस्ट के अधिकारियों की ही है।
अयोध्या में भाजपा की चुनावी हार पर भी खुलकर उठाए सवाल
बृजभूषण सिंह ने बातचीत के दौरान अयोध्या में भाजपा को हुए बड़े राजनीतिक नुकसान का भी खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बात की बेहद गंभीर समीक्षा होनी चाहिए कि आखिर अयोध्या जैसी बेहद महत्वपूर्ण सीट पर सत्तारूढ़ पार्टी को करारी हार का सामना क्यों करना पड़ा।
उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में विकास के नाम पर आम लोगों की स्थानीय आवाज और उनकी व्यावहारिक परेशानियों को लंबे समय तक लगातार नजरअंदाज किया गया। मंदिर निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर वहां के कई पारंपरिक रास्ते और गलियां पूरी तरह बंद कर दी गईं।
इससे आसपास के जिलों और गांवों के गरीब लोगों का पुराना पारंपरिक और सामाजिक संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ। वर्षों पुरानी धार्मिक परंपराएं बाधित होने का सीधा असर जनभावनाओं पर पड़ा। इसी जनआक्रोश का बड़ा राजनीतिक नुकसान आखिरकार भाजपा को चुनाव में उठाना पड़ा है।
समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा को बताया पूरी तरह निर्दोष
ट्रस्ट और मंदिर निर्माण से जुड़े बड़े अधिकारियों पर उठ रहे तीखे सवालों के बीच बृजभूषण सिंह ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा एक बेहद अनुभवी, ईमानदार और बेहद जिम्मेदार पूर्व प्रशासनिक अधिकारी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी, उसका उन्होंने हमेशा पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया है। इस पूरे मामले में सभी लोगों को एक साथ दोषी ठहराना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। मैं नृपेंद्र मिश्रा को इस विवाद में पूरी तरह निर्दोष मानता हूं।
इस कथित घोटाले में एफआईआर (FIR) दर्ज होने और संभावित दंडात्मक कार्रवाई के सवाल पर बृजभूषण सिंह ने कहा कि सरकार पूरे मामले की गहराई से जांच करवा रही है। जांच एजेंसी जो भी उचित कदम होगा, वह जरूर उठाएगी। दोषियों को सजा मिलकर रहेगी।
Author: Harikarishan Sharma


