यूपी बीएड परीक्षा परिणाम घोषित: अलीगढ़ की वंदना सिंह बनीं प्रदेश टॉपर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर नितिन को मिला दूसरा स्थान!

Aligarh News: उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा का परिणाम मंगलवार को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है। इस बार परीक्षा के नतीजों में अलीगढ़ जिले के होनहार अभ्यर्थियों ने पूरे प्रदेश में अपना परचम लहराया है। अलीगढ़ की वंदना सिंह ने राज्य में पहली रैंक हासिल की है।

इसके साथ ही अलीगढ़ के ही रहने वाले नितिन पचौरी को प्रदेश की मेरिट सूची में दूसरा स्थान मिला है। इन दोनों ही मेधावी अभ्यर्थियों ने अपनी इस शानदार और ऐतिहासिक सफलता पर गहरी खुशी व्यक्त की है। दोनों ने अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और परिवार को दिया है।

बिना कोचिंग सिर्फ सेल्फ स्टडी से वंदना सिंह बनीं यूपी टॉपर

प्रदेश में प्रथम रैंक पाने वाली वंदना सिंह अलीगढ़ के एटा चुंगी प्रद्युम्न विहार की निवासी हैं। उन्होंने अपनी बीएससी और एमएससी की पढ़ाई वनस्पति विज्ञान विषय से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने बीएड प्रवेश परीक्षा दी थी, जिसमें उन्होंने 359.32 अंक हासिल कर टॉप किया है।

परिणाम घोषित होने के बाद सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री ने जूम ऐप के जरिए सभी टॉपर छात्रों से बात की। हालांकि नेटवर्क की खराबी के कारण वंदना इस डिजिटल कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हो सकीं। वंदना ने बताया कि उन्होंने किसी कोचिंग के बिना सिर्फ सेल्फ स्टडी से यह मुकाम पाया है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शानदार नौकरी छोड़ शिक्षक बनेंगे नितिन पचौरी

बीएड प्रवेश परीक्षा की मेरिट लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल करने वाले नितिन पचौरी पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। नितिन ने प्रतिष्ठित एएमयू से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। इसके बाद कुछ समय तक उन्होंने कॉरपोरेट सेक्टर में बेहतरीन नौकरी भी की थी।

नौकरी में मन न लगने के कारण उन्होंने अध्यापन को अपना करियर चुना। वे पिछले 10 वर्षों से एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में बतौर शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। शिक्षण कार्य में पूरी तरह खुद को समर्पित करने के लिए ही उन्होंने इस साल बीएड की प्रवेश परीक्षा दी थी।

352.66 अंक लाकर हासिल की दूसरी रैंक, देश के लिए है बड़ा संकल्प

इस परीक्षा में नितिन पचौरी ने कुल 352.66 अंक हासिल कर पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। नितिन का मानना है कि इंजीनियर बनकर वह केवल पैसे कमा सकते थे। लेकिन एक शिक्षक के रूप में वे देश के लिए सैकड़ों डॉक्टर और इंजीनियर तैयार कर सकते हैं।

उनका मुख्य लक्ष्य स्कूलों में शिक्षा के स्तर को इतना मजबूत बनाना है, जिससे बच्चों की कोचिंग पर निर्भरता खत्म हो जाए। उच्च शिक्षा मंत्री जूम कॉन्फ्रेंस के दौरान नितिन के इन राष्ट्र निर्माण वाले विचारों से बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने नितिन को लखनऊ आने का विशेष निमंत्रण दिया।

Author: Rashmi Sharma

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