Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उनके खिलाफ सुनाए गए फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उच्च धार्मिक स्थानों पर बैठे कुछ लोग अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बयान के बाद राज्य में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।
फर्जी वीडियो के जरिए छवि खराब करने की हो रही कोशिश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कहा कि जिस वीडियो का बार-बार जिक्र किया जा रहा है, उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति वह खुद नहीं हैं। उस अज्ञात व्यक्ति की न तो शक्ल उनसे मिलती है और न ही उसका कद उनके समान है। विरोधियों ने उनकी साफ-सुथरी छवि को बिगाड़ने के लिए यह साजिश रची है।
उन्होंने आगे कहा कि वह अकाल तख्त को हमेशा सर्वोच्च मानते हैं। उनके मन में इस पवित्र स्थान के प्रति पूरा सम्मान है। लेकिन सभी लोग जानते हैं कि वहां किस तरह राजनीतिक नियुक्तियां होती हैं। कुछ विशेष लोग राजनीतिक प्रेरणा के कारण उनके खिलाफ लगातार एक नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून से असहज हुए विपक्षी दल
मुख्यमंत्री ने पंजाब सरकार के कड़े फैसलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बेअदबी करने वालों को सख्त सजा दिलाने के लिए नया कानून बनाया है। इससे विपक्षी दल पूरी तरह असहज हो गए हैं, क्योंकि वे अपनी सरकारों के कार्यकाल के दौरान ऐसा कड़ा कानून बनाने में पूरी तरह नाकाम रहे थे।
उन्होंने दृढ़ता से कहा कि उनकी सरकार पंजाब के पानी और यहां के युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए ईमानदारी से काम कर रही है। वह आगे भी राज्य के हित में बड़े फैसले बिना किसी दबाव के लेते रहेंगे। जब वह अकाल तख्त के समक्ष पेश हुए थे, तब भी उन्होंने यह सच्चाई स्पष्ट कर दी थी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने बयान के अंत में एक बड़ा भावनात्मक दांव खेला। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे संवेदनशील विवाद पर अपना अंतिम निर्णय पंजाब की सम्मानित संगत की अदालत पर छोड़ते हैं। संगत ही इस पूरे राजनीतिक षड्यंत्र का सच देखकर सही फैसला करेगी।
Author: Gurpreet Singh


