Chandigarh News: चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा एक खेल कार्यक्रम में पंजाबियों को लेकर दिए गए अपने बयान के कारण गंभीर संकट में फंस गए हैं। उनके इस बयान के बाद पार्टी के भीतर की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। कई भाजपा नेताओं ने उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
भाजपा पार्षदों ने ही अपनी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मल्होत्रा का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा किया। इसके तुरंत बाद चंडीगढ़ भाजपा के ही कई पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं ने अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध शुरू कर दिया।
भाजपा के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर और वर्तमान पार्षद कुलजीत सिंह संधू ने तो ऑस्ट्रेलिया से एक विशेष वीडियो जारी कर मल्होत्रा का खुलकर विरोध किया। संधू ने सिर्फ विरोध ही नहीं किया, बल्कि इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
निगम चुनाव से पहले गुटबाजी चरम पर, विरोधी तैयार
मनोनीत पार्षद सतिंदर सिंह सहित भाजपा के कई अन्य नेताओं ने इस वीडियो और लिखित बयान का इंटरनेट मीडिया पर जमकर प्रचार-प्रसार किया। वायरल बयान में मल्होत्रा को न केवल पंजाबियों का, बल्कि गांवों और किसानों का भी विरोधी बताया गया है। इससे पार्टी के भीतर का अंतर्विरोध पूरी तरह उजागर हो गया है।
शहर में नगर निगम चुनाव होने में अब छह महीने से भी कम का समय बचा है। ऐसे में भाजपा की यह अंदरूनी कलह पार्टी के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है। इस राजनीतिक विवाद और गुटबाजी का पूरा फायदा उठाने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
मल्होत्रा ने वीडियो जारी कर मांगी माफी, कांग्रेस पर बोला हमला
चौतरफा घिरने के बाद भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने शुक्रवार को एक नया वीडियो जारी कर फिर से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर उनकी किसी बात से किसी भी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए दिल से क्षमा मांगते हैं। उन्होंने खुद को अमृतसर का जन्मा एक गर्वित पंजाबी बताया।
इसके साथ ही मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता राजा वडिंग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 1984 के दंगों और हरमंदिर साहिब पर हमले के समय पंजाबियों की भावनाएं आहत हुई थीं, जिस पर कांग्रेस हमेशा मौन रही।
Author: Jatin Sharma


