Jharkhand News: रांची जिले में पुलिस के कथित मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस गंभीर मामले के सामने आते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। इसके बाद रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल बड़ी कार्रवाई करते हुए धुरवा थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
पांच पन्नों के सुसाइड नोट में खोला पुलिस का राज
पुलिस सूत्रों ने बताया कि धुरवा थाना क्षेत्र के डीटी खटाल निवासी पीड़ित प्रधान यादव ने सोमवार को फांसी लगाई थी। मृतक के पास से पांच पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने साफ तौर पर पुलिस अधिकारियों द्वारा गंभीर रूप से परेशान और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था।
मृतक प्रधान यादव ने बीते पांच जून को पड़ोसियों के खिलाफ मारपीट की लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि जांच अधिकारी लाल मोहन पांडे और उनके सहयोगी जितेंद्र टुडू ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। इसके विपरीत वे पीड़ित पर ही जबरन मामले को रफा-दफा करने और समझौता करने का दबाव बना रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दिए जांच के सख्त आदेश
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी अरुण कुमार महथा, लाल मोहन पांडे और जितेंद्र टुडू को सस्पेंड किया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हटिया डीएसपी नीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन भी किया है।
डीएसपी नीरज कुमार के अनुसार पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत की थी। लेकिन अधिकारियों ने उल्टा पीड़ित और उसके परिवार के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने मृतक की पत्नी सविता देवी के बयान पर मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव समेत तेरह नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
Author: Rohit Mahato


