Tamil Nadu News: राज्य के सियासी गलियारों में भारी बयानबाजी शुरू हो गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की बैठक में डीएमके सरकार के पुराने विकास कार्यों का पूरा श्रेय खुद लेने का प्रयास किया।
एक महीने की सरकार या पांच साल का द्रविड़ मॉडल?
सपा प्रमुख की तरह डीएमके नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली की बैठक में जिन बड़ी आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख किया, वे टीवीके सरकार के एक महीने के कार्यकाल की हैं या फिर हमारी पिछली डीएमके सरकार के पांच साल के कार्यकाल की हैं?
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु को देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि देश की कुल कामकाजी महिलाओं में से 42 प्रतिशत अकेले तमिलनाडु राज्य से आती हैं। महिलाओं की सुरक्षा, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य ने हमेशा ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है।
विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से इस मुद्दे पर तुरंत स्थिति साफ करने को कहा है। उन्होंने पूछा कि क्या ये सभी शानदार रिकॉर्ड महज एक महीने पुराने ‘सोफा मॉडल’ शासन में बने हैं? या फिर ये उपलब्धियां पूर्ववर्ती पांच साल के मजबूत ‘द्रविड़ मॉडल’ शासन की वजह से मिली हैं?
नीट परीक्षा और मेकेदातु बांध विवाद पर मुख्यमंत्री को घेरा
उदयनिधि ने नीट परीक्षा पर मुख्यमंत्री विजय के पुराने चुनावी बयानों की याद भी दिलाई है। उन्होंने कहा कि चुनाव अभियान के दौरान विजय ने इस परीक्षा की उपयोगिता पर सवाल उठाए थे। लेकिन नीति आयोग की बैठक में उन्होंने 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल एडमिशन का समर्थन किया।
डीएमके यूथ विंग के सेक्रेटरी ने मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली दौरे के बाद भी मुख्यमंत्री ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के सामने यह मुख्य मुद्दा नहीं उठाया। वे अपने नए गठबंधन सहयोगियों के सामने पूरी तरह से खामोश बने रहे।
उदयनिधि ने आरोप लगाया कि सोफा मॉडल सरकार हमारी पुरानी उपलब्धियों पर अपना नया स्टिकर चिपका रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि जनता को इस तरह धोखा देकर हासिल की गई खोखली राजनीतिक जीत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। अंत में हमेशा केवल सच की ही जीत होती है।
Author: Karthik Srinivasan


