Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में मेट्रो कॉरिडोर-1 के सेंट्रल से नौबस्ता सेक्शन पर यात्री सेवाओं के विस्तार की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी सिलसिले में मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) के आने से पहले उनकी चार सदस्यीय स्पेशल टीम ने थर्सडे से इस नए सेक्शन का प्रारंभिक निरीक्षण शुरू कर दिया है।
यह चार सदस्यीय तकनीकी टीम इस पूरे रूट पर सुरक्षा और तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच कर रही है। टीम सिग्नलिंग, ट्रैक, बिजली आपूर्ति और यात्री सुरक्षा से जुड़े सभी अहम इंतजामों को देख रही है। इसके बाद ही मुख्य संरक्षा आयुक्त इस रूट पर ट्रेन संचालन को हरी झंडी देंगे।
नए कॉरिडोर के खुलते ही चौदह से बढ़कर इक्कीस हो जाएंगे मेट्रो स्टेशन
वर्तमान समय में कानपुर मेट्रो का कमर्शियल परिचालन आईआईटी कानपुर से लेकर कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक बहुत ही सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इस मौजूदा रूट के अंतर्गत यात्रियों के लिए कुल 14 स्टेशन (9 एलिवेटेड एवं 5 अंडरग्राउंड) पूरी तरह फंक्शनल हैं, जहां रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं।
अब कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवाओं का बड़ा विस्तार होने जा रहा है। इसके साथ ही रूट में सात नए स्टेशन; झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर एवं नौबस्ता मौजूदा नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इस तरह शहर में कुल मेट्रो स्टेशनों की संख्या बढ़कर 21 हो जाएगी।
इस नए विस्तार से मेट्रो प्रशासन को भी भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार यह नया सेक्शन घनी आबादी वाले क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। नए एलिवेटेड और अंडरग्राउंड स्टेशनों पर सभी आधुनिक यात्री सुविधाएं और हाई-टेक सुरक्षा सिस्टम इंस्टॉल किए गए हैं।
दक्षिणी क्षेत्र के मेट्रो नेटवर्क से जुड़ने से जनता को मिलेगी भयंकर जाम से मुक्ति
इस नए रूट पर बनाए गए सात नए स्टेशनों में दो अंडरग्राउंड तथा पांच एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। इस पूरे सेक्शन पर यात्री सेवाएं प्रारंभ होने से शहर के दक्षिणी भाग के लाखों निवासियों को सेंट्रल रेलवे स्टेशन, बड़ा चौराहा, परेड चौराहा, कलेक्ट्रेट और कचहरी तक सीधा एक्सेस मिल जाएगा।
इसके साथ ही दक्षिणी क्षेत्र के लोग हैलट अस्पताल और यूनिवर्सिटी सहित अन्य प्रमुख कमर्शियल स्थलों तक बेहद तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन कर सकेंगे। इस रूट के शुरू होने के बाद शहरवासियों को दैनिक ट्रैफिक जाम की भयंकर समस्या से हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल जाएगी।
मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यह नया रूट कानपुर की लाइफलाइन साबित होगा। दक्षिण कानपुर के जुड़ने के बाद लोगों को एक बेहद सुविधाजनक और निर्बाध यात्रा का शानदार विकल्प मिलेगा। इससे प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी और लोगों के कीमती समय की बड़ी बचत होगी।
Author: Ajay Mishra


