Bhopal News: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जुबानी जंग अब अपने चरम पर पहुंच गई है। राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म निरस्त होने के बाद विपक्षी दल का गुस्सा फूट पड़ा है। इसी बीच कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने मर्यादा लांघकर मुख्यमंत्री पर बेहद विवादित टिप्पणी कर दी है।
बाबू जंडेल ने सार्वजनिक मंच से पार की मर्यादा
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मंच से सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। सत्तापक्ष के नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता के मद में चूर लोगों की असली औकात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पैरों की चप्पल के बराबर भी नहीं है।
दिग्विजय सिंह की तारीफ और विचारधारा की लड़ाई
विधायक बाबू जंडेल ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर बरसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने मंच से कहा कि असली राजा वही है जिसने राज्य के लोगों को पंचायती राज का अधिकार देकर मजबूत बनाया। जंडेल ने दावा किया कि वे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और इंसाफ के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने को भी तैयार हैं।
मीनाक्षी नटराजन के उपवास कार्यक्रम में दिया बयान
लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद या आरोप-प्रत्यारोप होना बेहद आम बात है। लेकिन नेताओं की यह बयानबाजी तभी तक अच्छी लगती है जब तक वह गरिमा के दायरे में रहे। बाबू जंडेल ने ये विवादित शब्द तब कहे जब वे अन्य कांग्रेसी विधायकों के साथ मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म निरस्त होने के विरोध में उपवास पर बैठे थे।
इस तीखे और अमर्यादित बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस विधायक के इस आचरण पर सख्त आपत्ति जताई है। चुनाव के ठीक पहले आए इस बयान ने दोनों बड़े राजनीतिक दलों के बीच कड़वाहट और ज्यादा बढ़ा दी है। इस मामले पर अब सियासी घमासान तेज है।
Author: Vijay Chouhan


