Delhi News: केंद्र सरकार ने देश के करीब 80 करोड़ नागरिकों को नए साल का बड़ा तोहफा देते हुए मुफ्त राशन योजना को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (PMGKAY) के विस्तार से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा की गारंटी मिलेगी।
महंगाई के इस दौर में सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से आम आदमी के किचन का बजट संभालने में काफी मदद मिलेगी। अब लाभार्थियों को नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के जरिए सीधे अनाज दिया जा रहा है। इस अहम बदलाव के बाद अब पात्र परिवारों को राशन के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना होगा।
राशन कार्ड की कैटेगरी तय करेगी आपको कितना मिलेगा अनाज
आर्थिक बोझ कम होने से कम आय वाले परिवारों के पोषण स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि इस बड़े कल्याणकारी कदम को जारी रखने के लिए सरकारी खजाने पर हर साल अरबों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इस योजना का लाभ राशन कार्ड की कैटेगरी के आधार पर दिया जाता है।
अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत आने वाले सबसे गरीब परिवारों को सरकार हर महीने 35 किलो अनाज देती है। वहीं प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH) कैटेगरी वाले कम आय वाले परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज दिया जाता है। इसकी पात्रता के लिए आय सीमा अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है।
योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के लेने के लिए अपने पहचान पत्र को राशन कार्ड से लिंक करना अनिवार्य है। इस डिजिटल लिंकिंग से सरकारी राशन के वितरण में फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगती है। इसके साथ ही सरकार की तरफ से भेजा गया अनाज सीधे और सही लाभार्थी तक पहुंचता है।
राज्यों के अपने नियम और डिजिटल आवेदन की पूरी प्रक्रिया
नए राशन कार्ड के आवेदन के लिए आपके पास वैध आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र होना बेहद जरूरी है। आजकल ज्यादातर राज्यों ने ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा दे दी है। इन डिजिटल टूल्स की मदद से आप घर बैठे अपने आवेदन का स्टेटस आसानी से ट्रैक कर सकते हैं।
भले ही केंद्र सरकार अनाज मुहैया कराती है, लेकिन इसके जमीनी वितरण की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। कई राज्य सरकारें अपनी ओर से अनाज के साथ नमक, तेल या दालें भी रियायती दरों पर देती हैं। यह पूरी तरह वहां की स्थानीय नीति और खान-पान की आदतों पर निर्भर करता है।
राशन कब और कैसे मिलेगा, इसकी सटीक जानकारी के लिए अपने नजदीकी सरकारी राशन की दुकान (फेयर प्राइस शॉप) से संपर्क कर सकते हैं। राशन की चिंता दूर होने से अब गरीब लोग अपनी कमाई को बच्चों की शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर आसानी से खर्च कर सकेंगे।
Author: Rajesh Kumar


