Uttar Pradesh News: प्रयागराज में खुद के घर का सपना देखने वालों के लिए बेहद बड़ी खुशखबरी है. प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) पूरे 26 साल बाद एक भव्य आवासीय योजना लेकर आ रहा है. धूमनगंज इलाके में बनने वाली इस अत्याधुनिक टाउनशिप ‘एरो सिटी’ के लिए कैबिनेट ने 100 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं.
कैबिनेट से बजट पास होने के बाद प्राधिकरण प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है. पीडीए आने वाले दो महीनों के भीतर इस महापरियोजना का भूमि पूजन कराने की तैयारी में जुट गया है. शहर के सुनियोजित विस्तार और आधुनिक विकास में यह एरो सिटी मील का पत्थर साबित होगी.
500 हेक्टेयर भूमि पर बसेगी हाईटेक एरो सिटी
प्रयागराज विकास प्राधिकरण इस विशाल टाउनशिप के लिए कुल 500 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित कर रहा है. यह जमीन पूरी तरह किसानों से आपसी सहमति से खरीदी जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक अब तक 100 हेक्टेयर भूमि के लिए किसानों ने लिखित रूप से अपनी रजामंदी दे दी है.
प्राधिकरण बची हुई 400 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा कर रहा है. इसके साथ ही माफियाओं और उनके रिश्तेदारों के कब्जे वाली जमीनों की लिस्ट भी तहसील से निकलवाई जा रही है. पुलिस वेरिफिकेशन के बाद इन अवैध कब्जों को मुक्त कराकर अधिग्रहित किया जाएगा.
ग्रुप हाउसिंग से लेकर आईटी पार्क तक की सुविधाएं
सिविल एयरपोर्ट के पास बनने वाली इस एरो सिटी में करीब पांच लाख लोगों के रहने की शानदार व्यवस्था होगी. योजना के तहत भूखंडों की बिक्री के साथ ही ग्रुप हाउसिंग भी तैयार होगी. परिसर में स्कूल, शॉपिंग मॉल, अस्पताल, कम्यूनिटी सेंटर और बड़े होटल-रेस्टोरेंट के लिए प्लॉट आवंटित किए जाएंगे.
टाउनशिप में एक हजार से अधिक फ्लैट बनाने की योजना है, जिसमें 700 से ज्यादा फ्लैट पीएम आवास योजना के तहत बनेंगे. इन गरीबों के फ्लैटों की कीमत मात्र आठ से 10 लाख रुपये होगी. इसके अलावा 300 फ्लैट आलीशान होंगे और आईटी सेक्टर के लिए 20 बीघे में आईटी पार्क बनेगा.
अधिवक्ताओं के लिए बनेगा विशेष न्यायिक खंड
एरो सिटी के भीतर एक विशेष ‘न्यायिक खंड’ भी विकसित किया जाएगा, जो पूरी तरह वकीलों और कानून के जानकारों के लिए आरक्षित होगा. इस खंड में 100 से 500 वर्ग मीटर के आवासीय प्लॉट होंगे. साथ ही खूबसूरत पार्क, ओपन जिम और कई बड़े सरकारी विभागों के दफ्तर भी बनाए जाएंगे.
पीडीए इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमि पूजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार संपर्क साधा जा रहा है. इससे पहले साल 2000 में शांतिपुरम और कालिंदीपुरम योजना आई थी, जबकि 2008 की नवप्रयागम योजना बाढ़ क्षेत्र के कारण बंद करनी पड़ी थी.
Author: Ajay Mishra


