Jharkhand News: विश्व साइकिल दिवस के मौके पर जमशेदपुर शहर में एक अनोखी और बेहद ऊर्जावान तस्वीर देखने को मिली. दैनिक जागरण के विशेष जागरूकता अभियान को शहरवासियों का ऐतिहासिक और जबरदस्त समर्थन मिला है. बिष्टुपुर और कदमा सहित कई इलाकों में हजारों लोगों ने जोश के साथ पैडल मारकर सेहत का संदेश दिया.
बुधवार सुबह जब जमशेदपुर की सड़कों पर साइकिलों के पहिए घूमने लगे, तो पूरे शहर का माहौल पूरी तरह बदल गया. अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को व्यस्त दिनचर्या से समय निकालने के लिए प्रेरित करना था. शहरवासियों ने नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का एक बड़ा सामूहिक संकल्प लिया.
साइकिल चलाने वाले दिग्गजों ने साझा किए अपने जादुई अनुभव
बिष्टुपुर के निवासी के. चटर्जी ने बताया कि वे रोज सुबह करीब 15 किलोमीटर साइकिल जरूर चलाते हैं. इस शानदार आदत ने उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से हमेशा के लिए राहत दिलाई है. उनका मानना है कि नियमित साइक्लिंग से शरीर में दिनभर काम करने की ऊर्जा बनी रहती है.
वहीं बिष्टुपुर के ही रहने वाले जीके भौमिक ने साइकिल को अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया. उनके अनुसार रोजाना पैडल मारने से मानसिक तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. कदमा के राजू मैती ने कहा कि साइकिलिंग के बहाने उन्हें रोज प्रकृति के करीब जाने का मौका मिलता है.
प्रदूषण के खिलाफ शहरवासियों ने मिलकर भरी बड़ी हुंकार
बढ़ते प्रदूषण के इस खतरनाक दौर में इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा और बेहद जरूरी संदेश दिया. सभी प्रतिभागियों का कहना था कि साइकिल का बढ़ता उपयोग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सुधारता है, बल्कि हमारी धरती को भी प्रदूषण मुक्त रखने में सबसे मददगार साबित होता है.
इस खास मौके पर एक्टिव फॉरएवर और डिकैथलॉन जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई. इस रैली में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के साइकिल प्रेमियों ने हिस्सा लिया. वक्ताओं ने समाज में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इसे बेहतरीन जरिया बताया.
Author: Rohit Mahato


