Tehran News: अमेरिका और इजरायल की भीषण बमबारी के बाद भी ईरान की सैन्य ताकत कम नहीं हुई है। ईरान ने युद्ध के मलबे से अपनी 1000 से ज्यादा मिसाइलें पूरी तरह सुरक्षित वापस निकाल ली हैं। अमेरिकी हमलों में तबाह हुई भूमिगत सुरंगों को दोबारा खोदकर ईरान अब मध्य पूर्व में एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है।
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, 40 दिनों के भीषण युद्ध के दौरान अमेरिका ने ईरान पर करीब साढ़े 13 हजार हमले किए थे। अमेरिकी मीडिया सीएनएन की रिपोर्ट बताती है कि ईरान ने इन हमलों से बंद हुए सुरंगों के मुहानों को फिर से खोल दिया है। इसके बाद वह इजरायल पर नए सिरे से मिसाइल दागने के लिए तैयार है।
ईरान ने साधारण तकनीकों से अमेरिका को दिया बड़ा झटका
ईरान ने सड़कों और सुरंगों को साफ करने के लिए बुलडोजर और डंप ट्रक जैसे बेहद साधारण उपकरणों का इस्तेमाल किया। अमेरिकी विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट करना लगभग असंभव है। ईरान पिछले 20 सालों से इसी तरह के भीषण और आधुनिक युद्ध की लगातार तैयारियां कर रहा था।
जर्मनी के रक्षा विशेषज्ञ तिमूर कादिशेव के अनुसार, ईरान के ठिकानों को नुकसान पहुंचाने के लिए बेहद महंगे और आधुनिक हथियारों की जरूरत होती है। इसके विपरीत, ईरान बहुत ही साधारण तकनीक और बुलडोजर की मदद से इनकी मरम्मत कर लेता है। इसी वजह से अमेरिकी और इजरायली हमलों का असर बहुत जल्दी खत्म हो गया।
अंडरग्राउंड मिसाइल बेस और मोबाइल लॉन्चर अब भी पूरी तरह सुरक्षित
विशेषज्ञों का दावा है कि ईरान के पास अब भी जमीन के नीचे 1000 से अधिक घातक मिसाइलें सुरक्षित जमा हैं। हालिया हमलों में उसके इस भूमिगत मिसाइल भंडार को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, युद्धविराम के इस दौर में ईरान ने अपने नुकसान की लगभग पूरी भरपाई बहुत ही कम समय में कर ली है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की लगभग 90 फीसदी भूमिगत मिसाइल सुविधाएं अब भी आंशिक या पूरी तरह से काम कर रही हैं। ईरान के पास उसके मोबाइल लॉन्चरों का लगभग 70 फीसदी स्टॉक सुरक्षित है। इसके जरिए वह चालू न रहने वाले मिसाइल भंडारों का भी आसानी से इस्तेमाल कर सकता है।
Author: Pallavi Sharma


