Chandigarh News: पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर आई है। राज्य सरकार ने छात्रों में आगे की पढ़ाई, स्किल कोर्स या रोजगार के सही विकल्प चुनने को लेकर रहने वाले असमंजस को दूर करने के लिए कमर कस ली है।
सरकार ने सभी सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के छात्रों के लिए एक व्यापक ‘राज्यव्यापी करियर काउंसलिंग फ्रेमवर्क’ लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। इस विशेष परियोजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बिल्कुल सही समय पर करियर संबंधी सटीक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
स्कूल शिक्षा विभाग इस पूरी महत्वाकांक्षी परियोजना को एक हाइब्रिड मॉडल के तहत धरातल पर उतारेगा। इसके तहत स्कूल स्तर पर विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों के माध्यम से छात्रों को प्राथमिक काउंसलिंग दी जाएगी, ताकि वे अपनी रुचि को सही तरीके से पहचान सकें।
जिला स्तर पर आमने-सामने काउंसलिंग और हेल्पलाइन
परियोजना के तहत जिला स्तर पर छात्रों को आमने-सामने काउंसलिंग सेवाएं मिलेंगी। इसके साथ ही स्कूल समय के ठीक बाद एक केंद्रीकृत हेल्पलाइन के जरिए विद्यार्थियों को घर बैठे ही मार्गदर्शन दिया जाएगा। पूरी व्यवस्था को डिजिटल तकनीक और साइकोमेट्रिक असेसमेंट जैसे आधुनिक उपकरणों से जोड़ा जाएगा।
शिक्षा विभाग इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू रूप से लागू करने के लिए जल्द ही एक विशेषज्ञ एजेंसी की नियुक्ति करेगा। छात्रों को घर बैठे मुफ्त सलाह उपलब्ध कराने के लिए स्थापित होने वाली केंद्रीय करियर काउंसलिंग हेल्पलाइन सप्ताह में छह दिन, सोमवार से शनिवार तक चलेगी।
इस हेल्पलाइन का समय दोपहर दो बजे से लेकर रात आठ बजे तक निर्धारित किया गया है। शुरुआत में इसके लिए चार से छह योग्य प्रोफेशनल काउंसलरों की एक विशेष टीम नियुक्त की जाएगी। छात्रों की बढ़ती मांग और जरूरत को देखते हुए भविष्य में इन काउंसलरों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
हेल्पलाइन के माध्यम से विद्यार्थियों की हर छोटी-बड़ी शंकाओं का तुरंत समाधान किया जाएगा। यदि कोई मामला अधिक जटिल हुआ, तो उसे वरिष्ठ विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक सरकारी स्कूल में कम से कम दो अनुभवी अध्यापकों को स्कूल काउंसलिंग कोऑर्डिनेटर बनाया जाएगा।
शिक्षकों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
चयनित अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण देकर विद्यार्थियों के लिए पहला संपर्क बिंदु यानी ‘फर्स्ट पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट’ तैयार किया जाएगा। ये अध्यापक करियर विकल्पों, उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार संबंधी सभी बुनियादी जानकारियां समय-समय पर विद्यार्थियों तक बहुत ही सरल भाषा में पहुंचाएंगे।
नियुक्त होने वाली विशेषज्ञ एजेंसी मानव संसाधन की तैनाती, मजबूत काउंसलिंग ढांचा विकसित करने, सुरक्षित डिजिटल सिस्टम तैयार करने और सेवाओं के संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में कम से कम एक समर्पित काउंसलर स्थायी रूप से तैनात रहेगा।
इसके अलावा दो से तीन अतिरिक्त काउंसलरों का एक बैकअप पूल भी तैयार रखा जाएगा। इससे किसी जिले में अधिक मांग होने या किसी कारण से पद खाली होने पर भी काउंसलिंग सेवाएं बिल्कुल प्रभावित नहीं होंगी। ये जिला काउंसलर छात्रों को सीधे मार्गदर्शन देने के साथ स्कूलों का दौरा करेंगे।
सप्ताह में एक दिन आयोजित होंगे ओपन सेशन
जिला स्तर पर सप्ताह में एक दिन, शनिवार या रविवार को सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक विशेष ‘ओपन काउंसलिंग सेशन’ आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा काउंसलर विभिन्न ब्लॉकों का दौरा कर विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे, जिसके लिए प्रत्येक जिले में एक मासिक कार्यक्रम बनेगा।
इस पूरी योजना का सबसे अहम हिस्सा साइकोमेट्रिक असेसमेंट टेस्ट होगा। वैज्ञानिक तरीके से तैयार इन विशेष परीक्षणों के जरिए विद्यार्थियों की वास्तविक योग्यता, रुचि और स्वाभाविक क्षमताओं का सटीक आकलन किया जाएगा। यह परीक्षण मुख्य रूप से डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
परीक्षण पूरा होने के महज सात कार्यदिवस के भीतर छात्रों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी। यह पूरी आधुनिक सुविधा छात्रों के लिए पंजाबी, गुरुमुखी लिपि और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध होगी। पूरी व्यवस्था को एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर छात्रों का डेटा सुरक्षित रखा जाएगा।
Author: Gurpreet Singh

