प्रयागराज में करंट से दो मजदूरों की मौत के बाद बड़ा बवाल, स्टैनली रोड पर शव रखकर लगाया भीषण जाम

Uttar Pradesh News: संगम नगरी प्रयागराज के मम्फोर्डगंज इलाके में शनिवार को करंट लगने से दो कारपेंटरों की मौत का मामला गरमा गया है। इस दर्दनाक घटना ने अब एक बेहद गंभीर और नया राजनीतिक व सामाजिक मोड़ ले लिया है।

गुस्साए परिजनों ने कर्नलगंज थाने में भारी हंगामा किया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने मकान मालिक पिंटू और उसके भाई विक्की के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया है।

रविवार को पोस्टमार्टम के बाद गुस्साए परिजन दोनों शवों को एंबुलेंस में लेकर स्टैनली रोड पहुंच गए। परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर भीषण जाम लगाया।

हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुआ बड़ा हादसा

सड़क जाम होने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों के उचित आश्वासन के बाद ही गुस्साए लोगों ने चक्काजाम खत्म किया। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट लगने से ही मौत होने की पुष्टि की है।

कर्नलगंज के बघाड़ा निवासी रमेश सोनकर और दिनेश उर्फ धारा भारतीय शनिवार को मम्फोर्डगंज में काम कर रहे थे। वे पिंटू पटेल के मकान में काम कर रहे थे। तभी लोहे की एक लंबी राड बाहर से गुजरी हाइटेंशन लाइन से छू गई।

लोहे की राड में ग्यारह हजार वोल्ट का करंट उतर आया। करंट लगते ही रमेश राड समेत मकान के भीतर गिर गया। दिनेश उसे बचाने दौड़ा तो वह भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया।

अस्पताल ले जाते ही डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

पुलिस दोनों झुलसे हुए मजदूरों को लेकर तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंची। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही पीड़ित परिवार और रिश्तेदार कर्नलगंज थाने पहुंच गए।

परिजनों ने मकान मालिक पर जानबूझकर लापरवाही बरतने और हत्या करने का सीधा आरोप लगाया। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया। लेकिन गुस्साए लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।

तनाव बढ़ता देख पुलिस ने हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों भाइयों को हिरासत में ले लिया। रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर भी भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। शाम को शव मिलते ही म्यौराबाद चौराहे पर जाम लगा दिया गया।

अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद खुला रास्ता

जाम के कारण पूरे इलाके का आवागमन ठप हो गया। राहगीरों की परेशानी को देखते हुए यातायात पुलिस ने तुरंत ट्रैफिक डायवर्ट किया। पीड़ित परिवार लगातार आर्थिक मदद और कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा।

एसीपी विमल किशोर मिश्रा और इंस्पेक्टर संजय सिंह यादव ने कई थानों की फोर्स के साथ मोर्चा संभाला। पुलिस अधिकारियों ने दोनों मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद ही परिजन शांत हुए और जाम हटाया।

उधर इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। रमेश की पत्नी कुसुम और दिनेश की पत्नी विमला का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।

Author: Raj Thakur

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