Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में संपन्न हुए जिला परिषद चुनाव के नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। इस चुनावी मुकाबले में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दलों के बड़े दिग्गज नेताओं की बेटियों को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस बड़े राजनीतिक उलटफेर से जिले की सियासत पूरी तरह गरमा गई है।
मंडी जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस को लगा बड़ा झटका
मंडी जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर कोटली वार्ड से चुनाव हार गई हैं। वह पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी हैं। भाजपा समर्थित प्रत्याशी हेमलता ने उन्हें करीब 2500 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। इस मुकाबले में हेमलता को 8659 वोट मिले, जबकि चंपा ठाकुर केवल 6195 वोट ही हासिल कर सकीं।
चंपा ठाकुर का लगातार चार बार अलग-अलग वार्डों से जिला परिषद चुनाव जीतने का शानदार रिकॉर्ड रहा है। वह जिला परिषद की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। हालांकि, वह पांचवीं बार जीत की दहलीज पार करने में पूरी तरह नाकाम रहीं। चंपा मंडी सदर से दो बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी हार चुकी हैं।
धर्मपुर के टीहरा वार्ड में भाजपा प्रत्याशी की करीबी हार
दूसरी तरफ, धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के टीहरा वार्ड में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। यहां से पूर्व भाजपा मंत्री महेंद्र सिंह की बेटी वंदना गुलेरिया चुनाव हार गई हैं। उन्हें बेहद कड़े और रोमांचक मुकाबले में महज 47 वोटों के मामूली अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा है।
इस वार्ड में मतगणना के दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी हंगामा भी हुआ। विवाद बढ़ता देख पूर्व पार्षद रहीं वंदना गुलेरिया ने प्रशासन से दोबारा रिकाउंटिंग की मांग की। हालांकि, रिकाउंटिंग के बाद भी नतीजों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इस तरह मंडी जिले में दोनों ही पारंपरिक राजनीतिक परिवारों को जनता ने नकार दिया है।
Author: Sunita Gupta


