Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में फर्जी पत्रकारिता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नाहन के सदर थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ खुद को मीडियाकर्मी बताकर डराने-धमकाने और लोगों से अवैध वसूली करने के संगीन आरोपों के तहत पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस को मिली लिखित शिकायत के मुताबिक यह पूरा मामला पंजाहल गांव का है। शिकायतकर्ता अनिल कुमार ठाकुर ने आरोप लगाया कि बीते 21 मई को सतीश कुमार नाम का शख्स अपने ड्राइवर हरि दत्त शर्मा के साथ उनके गांव पहुंचा था। उसने खुद को एक न्यूज चैनल का पत्रकार बताया था।
जबरन इंटरव्यू लेकर काट रहा था हजारों की रसीद
आरोपी सतीश कुमार ने बिना अनुमति पीड़ित अनिल कुमार का जबरन इंटरव्यू ले लिया। इसके बाद उसने पीड़ित को बुरी तरह डराया और धमकाकर जबरदस्ती 11,000 रुपए की रसीद काट दी। शातिर आरोपी ने पीड़ित से यह मोटी रकम मौके पर ही वसूल कर ली थी।
शिकायत में यह बड़ा खुलासा भी हुआ है कि आरोपी चुनाव में खड़े दूसरे प्रत्याशियों को भी निशाना बना रहा था। वह नेताओं के भी जबरन इंटरव्यू लेकर 11,000 रुपए की रसीदें काट चुका है। बीते 30 मई को उसने ग्राम प्रधान ललिता देवी को भी डराकर रसीद काटी थी।
प्रशासनिक अनुमति मांगने पर खुली फर्जी पत्रकार की पोल
इसके अलावा आरोपी ने एक अन्य ग्रामीण राजेश कुमार के खेत में चल रहे जेसीबी कार्य का बिना अनुमति वीडियो बनाया। वह वीडियो दिखाकर पीड़ित पर रसीद कटवाने का लगातार दबाव बना रहा था। इस तरह आरोपी पूरे इलाके में खौफ फैलाकर खुली उगाही कर रहा था।
जब महिला प्रधान ललिता देवी ने इस तथाकथित पत्रकार से रिपोर्टिंग से जुड़े जरूरी प्रशासनिक दस्तावेज और अनुमति पत्र मांगे, तो वह कोई भी कागज नहीं दिखा पाया। जांच में पता चला कि आरोपी के पास मौजूद प्रेस कार्ड हरियाणा राज्य का बना हुआ है।
सिरमौर पुलिस ने बीएनएस की गंभीर धाराओं में दर्ज किया केस
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत को आधार बनाकर सदर थाना नाहन में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी सतीश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223, 308(2), 329(3) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की एक विशेष टीम अब इस जबरन उगाही के मामले की बेहद बारीकी से जांच कर रही है।
Author: Raj Thakur

