Jharkhand News: लौगनगरी में पेट्रोल की भारी किल्लत और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों को परेशान कर दिया है। इस संकट के कारण अब लोगों की जीवनशैली और वाहन खरीदने की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। अब लोग पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को पूरी तरह छोड़ रहे हैं।
शहर के जागरूक लोग अब पारंपरिक वाहनों की बजाय पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में ही शहर के विभिन्न बड़े शोरूमों में इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बिक्री में रिकॉर्ड 35 प्रतिशत का उछाल आया है।
स्थानीय वाहन विक्रेताओं का कहना है कि मौजूदा कठिन हालात में लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को सबसे किफायती मान रहे हैं। यह साधन हर वर्ग के लिए बेहद सुविधाजनक विकल्प बनकर उभरा है। ईंधन की अनिश्चित उपलब्धता ने लोगों को वैकल्पिक साधनों की ओर सोचने पर विवश किया है।
बिष्टुपुर के शोरूमों में उमड़ी ग्राहकों की भारी भीड़
बिष्टुपुर स्थित एक प्रमुख ईवी शोरूम के मैनेजर ने बताया कि पहले जहां प्रतिदिन केवल पांच से दस ग्राहक ही जानकारी लेने आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 35 से 40 तक पहुंच गई है। शोरूम का फुटफॉल बढ़ने से गाड़ियों की बुकिंग भी तेज हुई है।
शोरूम पहुंचने वाले अधिकांश ग्राहक ऐसे हैं जो पेट्रोल पंपों की लंबी कतारों और रोजाना के संकट से बेहद परेशान हो चुके हैं। वे अब सीधे इलेक्ट्रिक स्कूटर और ई-बाइक की एडवांस बुकिंग करा रहे हैं। इन नए वाहनों की रनिंग कॉस्ट पेट्रोल के मुकाबले ना के बराबर है।
खासकर नौकरीपेशा लोग, कॉलेज के छात्र और युवा वर्ग ई-व्हीकल को सबसे बेहतरीन और टिकाऊ विकल्प मान रहे हैं। बिजली से चलने के कारण इन आधुनिक वाहनों में मेंटेनेंस का खर्च भी बहुत कम आता है। इसी वजह से मध्यमवर्गीय परिवारों का झुकाव ईवी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।
शादियों में भी दूल्हे की पहली पसंद बने ई-व्हीकल्स
वाहन विक्रेताओं के अनुसार पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर जनता की सोच पूरी तरह बदल चुकी है। पहले लोग बैटरी बैकअप और चार्जिंग को लेकर कई तरह के सवाल पूछते थे, लेकिन अब वे सीधे मॉडल, रेंज और बुकिंग की तारीख तय कर रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अब शादी-समारोहों के सीजन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पहले जहां दूल्हे राजा की पसंद महंगी पेट्रोल बाइक या चमचमाती कारें हुआ करती थीं, वहीं अब कई रसूखदार परिवार उपहार में इलेक्ट्रिक स्कूटर देने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हाल के दिनों में कई ऐसे खास ग्राहक आए हैं जिन्होंने विवाह आयोजनों के लिए ई-व्हीकल की स्पेशल बुकिंग कराई है। नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी अधिक जागरूक हो रही है। सरकार भी विभिन्न सरकारी योजनाओं और भारी सब्सिडी के माध्यम से लोगों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
परिवहन विभाग के आंकड़े भी दे रहे गवाही
जिला परिवहन विभाग के ताजा आंकड़े भी शहर में बढ़ती ईवी गाड़ियों की मांग की स्पष्ट रूप से पुष्टि कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक जिले में कुल 2,773 नए इलेक्ट्रिक वाहनों का सफल रजिस्ट्रेशन हुआ था।
वहीं इस नए साल में जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक मात्र तीन महीनों में ही 1,099 ईवी वाहनों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बीते एक सप्ताह में रजिस्ट्रेशन की रफ्तार में जो अचानक तेजी आई है, वह साफ तौर पर पेट्रोल संकट का सीधा असर दिखाती है।
एथर शोरूम के प्रतिनिधि बिपलब पॉल ने बताया कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण डिमांड इस समय बिल्कुल बूम पर है। उन्होंने कहा कि गाड़ियों की खरीदारी में इतना बड़ा उछाल आया है कि ग्राहकों को डिलीवरी के लिए अब तीन-तीन महीनों की लंबी वेटिंग पीरियड का सामना करना पड़ रहा है।
Author: Rohit Mahato


