Himachal News: पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को एक बार फिर प्रतिष्ठित संसद रत्न पुरस्कार से नवाजा जाएगा। उनकी अगुवाई वाली कोयला, इस्पात और खान मामलों की संसदीय स्थायी समिति को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए साल 2026 का यह खास सम्मान मिला है।
अनुराग ठाकुर को दूसरी बार मिला यह बड़ा सम्मान
अनुराग सिंह ठाकुर को इससे पहले वर्ष 2019 में भी लोकसभा में शानदार काम के लिए यह पुरस्कार मिल चुका है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर साल 2010 में इन पुरस्कारों की शुरुआत हुई थी। यह सम्मान सांसदों को उनकी उपस्थिति और जनहित के कार्यों के आधार पर मिलता है।
संसदीय समिति ने रिकॉर्ड समय में पेश कीं रिपोर्ट
इस संसदीय समिति ने अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में 18वीं लोकसभा के दौरान अब तक 23 महत्वपूर्ण रिपोर्ट सदन में रखी हैं। समिति ने एक साल में 50 से अधिक बैठकें आयोजित कीं। इन बैठकों के जरिए ऊर्जा, खनन और इस्पात उद्योगों के सुधार के लिए कई जरूरी सिफारिशें भेजी गईं।
पर्यावरण और आत्मनिर्भरता जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक समीक्षा
समिति ने कोयला खनन, पर्यावरण स्वीकृति, जिला खनिज फाउंडेशन निधि और आत्मनिर्भरता जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से काम किया है। इसके अलावा स्टील स्क्रैप रिसाइक्लिंग नीति और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कामकाज की भी समीक्षा की गई। इस मेहनत के कारण ही समिति को श्रेष्ठ चुना गया।
पुरस्कार मिलने पर सांसद ने जताया जनता का आभार
इस बड़े सम्मान पर खुशी जताते हुए सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने इसे पूरे हिमाचल प्रदेश और हमीरपुर की जनता का गौरव बताया। उन्होंने चयन समिति और अपने साथी सांसदों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाना हमेशा उनकी प्राथमिकता रहेगी।
Author: Sunita Gupta


