Bhopal News: मध्यप्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। जबलपुर हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद रविवार को भोपाल एम्स में मृतका के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया। दिल्ली एम्स की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ विशेष रूप से भोपाल पहुंची थी।
ट्विशा के माता-पिता सुबह ही शव की शिनाख्त के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इस हाई-प्रोफाइल मामले को देखते हुए एम्स परिसर की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई थी। मर्च्युरी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। री-पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने शव परिजनों को सौंप दिया।
दिल्ली के बजाय भोपाल में ही हुआ अंतिम संस्कार
ट्विशा के कजिन आशीष शर्मा ने बताया कि वे अंतिम संस्कार दिल्ली में करना चाहते थे। लेकिन भीषण गर्मी और मेडिकल कारणों से सफर करना व्यावहारिक नहीं था। इसलिए परिजनों ने भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर शाम 5 बजे भारी मन से ट्विशा को अंतिम विदाई देने का फैसला किया।
आशीष ने ट्विशा के ससुराल वालों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना के लिए ससुराल पक्ष सीधे तौर पर जिम्मेदार है। यदि वे बेकसूर हैं तो उन्हें सच्चाई के साथ अपने तथ्य सामने रखने चाहिए। पीड़ित परिवार अंतिम संस्कार में ससुराल के किसी सदस्य को शामिल नहीं होने देगा।
न्यायपालिका की सक्रियता से जगी इंसाफ की उम्मीद
पीड़ित परिवार ने पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट पर कई गंभीर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि पहली रिपोर्ट में कई बड़ी कमियां थीं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले का स्वतः संज्ञान लेने और हाईकोर्ट की सक्रियता से अब परिवार को न्याय की एक बहुत बड़ी उम्मीद नजर आ रही है।
गौरतलब है कि 12 मई को ट्विशा का शव उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। पहली रिपोर्ट में इसे आत्महत्या का रूप दिया गया था। लेकिन परिजनों का आरोप है कि ट्विशा को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और उसका जबरन गर्भपात भी कराया गया था।
पूर्व जज और पति पर गंभीर आरोप, रिमांड पर आरोपी
ट्विशा के परिजनों ने उसके पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जज गिरिबाला पर शारीरिक प्रताड़ना के संगीन आरोप लगाए हैं। इसी वजह से परिवार ने पहली बार में अंतिम संस्कार रोककर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए।
पुलिस ने आरोपी पति समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर 7 दिनों की रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर मामले की कड़ियों को जोड़ रही है। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जांच की सिफारिश की है।
Author: Raj Thakur


