वायु सेना में बेटियां रच रही हैं नया इतिहास, फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर सान्या ने हासिल की देश की सबसे सर्वोच्च सैन्य रेटिंग

New Delhi News: भारतीय वायु सेना की जांबाज महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। सान्या इंडियन एयरफोर्स की पहली ऐसी महिला सैन्य अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने क्लास-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर की सर्वोच्च रेटिंग हासिल की है। इस बड़ी सफलता से उन्होंने इतिहास रच दिया है।

वायु सेना ने सोमवार को सान्या की इस अभूतपूर्व सफलता का आधिकारिक ऐलान किया। वायु सेना ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि को पूरे देश के लिए एक गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि सान्या की यह शानदार कामयाबी देश के उन सभी युवाओं को प्रेरित करेगी जो पायलट बनना चाहते हैं।

स्क्वाड्रन लीडर सान्या वायु सेना की एक बेहद कुशल और होनहार पायलट हैं। जून 2015 में वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में कमीशन पाने वाली सान्या 42वें शॉर्ट सर्विस कमीशन कोर्स की सम्मानित सदस्य हैं। इस खास विंग कोर्स में कुल छह महिला अधिकारी शामिल थीं।

जून 2021 में मिली थी स्क्वाड्रन लीडर की रैंक

सान्या को जून 2021 में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर प्रमोट किया गया था। सान्या को जो क्लास-ए रेटिंग मिली है, वह वायु सेना में ट्रेनिंग देने वाले शिक्षकों को मिलने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इस उत्कृष्ट रेटिंग के बाद वे नए पायलटों के साथ-साथ अन्य ट्रेनर्स की काबिलियत भी परख सकेंगी।

इस विशिष्ट स्तर का फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनने के लिए चेन्नई के तांबरम एयरफोर्स स्टेशन स्थित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स स्कूल से बेहद कड़ा कोर्स करना पड़ता है। सान्या ने इस स्कूल से 22 हफ्तों का विशेष कोर्स पूरा किया। इस दौरान उन्होंने 200 घंटे से ज्यादा की कठिन पढ़ाई की है।

इस कठिन कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद योग्य इंस्ट्रक्टर्स को उनकी योग्यता के आधार पर चार अलग-अलग ग्रेड दिए जाते हैं। इनमें कैट-ए क्यूएफआई सबसे ऊंचा रैंक होता है। इसके बाद क्रमशः ए कैटेगरी, बी कैटेगरी और शुरुआती स्तर की सी कैटेगरी रेटिंग दी जाती है।

वायु सेना में 1994 में खुले थे महिलाओं के लिए रास्ते

भारतीय वायु सेना ने साल 1994 में पहली बार महिला अधिकारियों के लिए अपने द्वार खोले थे। शुरुआत में महिलाओं को केवल हेलीकॉप्टर और मालवाहक विमान उड़ाने की मंजूरी मिली थी। इसके बाद साल 2016 में महिला पायलटों को पहली बार लड़ाकू विमान उड़ाने की ऐतिहासिक अनुमति मिली।

शुरुआती दौर में महिला पायलट केवल चीता, चेतक हेलीकॉप्टर और एएन-32 विमान ही उड़ाती थीं। बाद में उन्हें भारी मालवाहक जहाज आईएल-76 और एमआई-17 हेलीकॉप्टर उड़ाने की जिम्मेदारी मिली। आज भारत की बेटियां राफेल और सुखोई-30 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों से आसमान में दुश्मनों को थर्रा रही हैं।

Author: Pallavi Sharma

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