West Bengal News: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस पर हमले और तोड़फोड़ करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में गुंडागर्दी और अशांति फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में हुई हिंसक झड़प के बाद मुख्यमंत्री ने सोमवार को यह कड़ा रुख अपनाया है।
कोलकाता के तिलजला में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में रविवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान भीड़ ने सुरक्षाबलों पर जमकर पथराव किया और कई सरकारी वाहनों को आग लगा दी। इस हमले में छह पुलिसकर्मी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
कोलकाता हिंसा पर मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन
मुख्यमंत्री ने पार्क सर्कस के उपायुक्त कार्यालय का दौरा कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने घायल जवानों के नाम पढ़े और विपरीत परिस्थितियों में भी उनके द्वारा बरते गए अद्भुत संयम की जमकर सराहना की।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 40 दंगाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले की जांच सीधे कोलकाता के पुलिस आयुक्त खुद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि दोषियों को सजा मिलने तक सरकार इस कानूनी प्रक्रिया की खुद निगरानी करेगी।
मुख्यमंत्री ने हिंसा को पूर्व-नियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट से साफ पता चलता है कि यह हंगामा पहले से तय था। उन्होंने उपद्रवियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसी घटना दोबारा हुई, तो प्रशासन बहुत सख्त कदम उठाएगा।
श्रीनगर और कश्मीर से की बंगाल की तुलना
विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए पथराव की तुलना मुख्यमंत्री ने कश्मीर घाटी से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह श्रीनगर और कश्मीर में अब पत्थरबाजी पूरी तरह बंद हो चुकी है, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी इसे खत्म करेंगे। राजनीतिक और धार्मिक संगठन नियमों के तहत ही अपनी सभाएं कर सकते हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस बल को पूरी स्वतंत्रता के साथ काम करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री और मुख्यमंत्री हर परिस्थिति में सुरक्षाबलों के साथ खड़े हैं। पुलिस को अब भारतीय न्याय संहिता के तहत बिना किसी डर के उपद्रवियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष होकर काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करते समय किसी की राजनीतिक संबद्धता, धर्म या जाति बिल्कुल न देखें। कानून को हाथ में लेने वाले हर अपराधी से पुलिस बिना किसी दबाव के कड़ाई से निपटे।
Author: Sourav Banerjee


