NEET पेपर लीक मामले में एक और बड़ी गिरफ्तारी! पुणे की सीनियर प्रोफेसर मनीषा मांढरे को सीबीआई ने दबोचा, अब तक 9 आरोपी अरेस्ट

Delhi News: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज की सीनियर प्रोफेसर मनीषा मांढरे को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, मनीषा मांढरे को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट परीक्षा के लिए बतौर एक्सपर्ट नियुक्त किया था। इस वजह से उनके पास बॉटनी और ज़ूलॉजी के प्रश्नपत्रों का पूरा एक्सेस मौजूद था। मनीषा पर आरोप है कि उन्होंने इस बेहद गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल कर पेपर लीक किया।

सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ है कि अप्रैल 2026 के दौरान प्रोफेसर मनीषा ने पुणे में सह-आरोपी मनीषा वाघमारे के जरिए कई उम्मीदवारों को इकट्ठा किया था। इसके बाद उन्होंने अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास चलाई, जहां छात्रों को बॉटनी और ज़ूलॉजी के वो सवाल रटवाए गए जो परीक्षा में आने वाले थे।

मासूम छात्रों को लीक प्रश्नपत्र हल कराने का आरोप

इन खुफिया क्लासों में छात्रों को जो सवाल नोटबुक में लिखने और मार्क करने के लिए कहे गए थे, वे 3 मई 2026 को हुई परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते थे। इस खुलासे के बाद सीबीआई ने दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर में ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

इस छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों में से पांच को अदालत ने सात दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार की मंजूरी के बाद आगामी 21 जून को दोबारा नीट परीक्षा आयोजित की जाएगी।

कॉलेज प्रशासन भी गिरफ्तारी से हैरान, सात महीने बाद होना था रिटायरमेंट

मनीषा मांढरे जिस पुणे के नामी कॉलेज में पढ़ाती थीं, उसकी प्रिंसिपल डॉ. निवेदिता एकबोटे ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया से मिली। उन्होंने कहा कि मनीषा पिछले 24 वर्षों से संस्थान में कार्यरत थीं और सर्विस रिकॉर्ड के अनुसार महज सात महीने बाद ही रिटायर होने वाली थीं।

सीबीआई ने इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड लातूर के रहने वाले पीवी कुलकर्णी को बताया है, जो रसायन विज्ञान के रिटायर्ड प्रोफेसर हैं। कुलकर्णी पुणे में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मॉक टेस्ट और गाइडेंस सेंटर चलाते थे। आरोप है कि उन्होंने अपने घर पर छात्रों को मोटी रकम के बदले ‘गेस पेपर’ बांटे थे।

पेपर लीक सिंडिकेट से जुड़े इन बड़े चेहरों का भी हुआ पर्दाफाश

इस मामले में नासिक के 30 वर्षीय शुभम खैरनार को भी गिरफ्तार किया गया है, जो टेलीग्राम ग्रुप के जरिए प्रश्नपत्र की पीडीएफ भेज रहा था। शुभम नासिक में एसआर एजुकेशन कंसल्टेंसी चलाता था। इसके अलावा अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे और नासिक मामले से जुड़ी मनीषा वाघमारे को भी गिरफ्तार किया गया है।

राजस्थान के जयपुर से मांगीलाल बिवाल और उनके भाई दिनेश बिवाल को वित्तीय लेन-देन के आरोप में पकड़ा गया है। मांगीलाल का बेटा विकास बिवाल सवाई माधोपुर में एमबीबीएस का छात्र है। इसके साथ ही गुरुग्राम के रहने वाले बीएएमएस छात्र यश यादव को भी इस बड़ी साजिश का हिस्सा होने के आरोप में दबोचा गया है।

Author: Ajay Mishra

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