मिडिल ईस्ट में फिर मंडराए महायुद्ध के काले बादल, डोनाल्ड ट्रंप की खौफनाक चेतावनी से दहल उठा ईरान

World News: मिडिल ईस्ट में सीजफायर के बाद बनी शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही महत्वपूर्ण शांति वार्ता अचानक पूरी तरह अटक गई है। ईरान की पांच सख्त शर्तों के कारण दोनों देशों में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह विफल होने की कगार पर है। राजनयिकों का मानना है कि यदि यह बातचीत टूटी, तो इस पूरे क्षेत्र में दोबारा भयंकर युद्ध छिड़ सकता है। दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ इस गंभीर स्थिति पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की रहस्यमयी पोस्ट ने बढ़ाई दुनिया की धड़कन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने हाल ही में एक खास एआई तस्वीर साझा की है। इस फोटो में वह अमेरिकी नौसेना अधिकारी के साथ एक बड़े युद्धपोत पर मुस्तैद खड़े दिखाई दे रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने इस वायरल तस्वीर के साथ कैप्शन में “तूफान से पहले की शांति” लिखा है। उनके इस रहस्यमयी बयान के बाद पश्चिमी मीडिया में यह कयास तेज हो गए हैं। माना जा रहा है कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ किसी बहुत बड़े सैन्य ऑपरेशन की गुप्त तैयारी कर रही है।

राष्ट्रपति ट्रंप लगातार ईरान को बेहद कड़े शब्दों में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनियां दे रहे हैं। उनका साफ कहना है कि अगर ईरान समय रहते समझौते पर सहमत नहीं हुआ, तो उसे भारी तबाही झेलनी पड़ेगी। फिलहाल दोनों पक्षों में भरोसे की भारी कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।

इसी तनाव के बीच इजरायल से आ रही एक खबर ने वैश्विक चिंता को और अधिक बढ़ा दिया है। यरुशलम के पास स्थित एक सरकारी डिफेंस कंपनी के टेस्टिंग ग्राउंड में अचानक बहुत जोरदार धमाका हुआ। इस रहस्यमयी विस्फोट से चारों तरफ आग की लपटें और धुएं का गुबार देखा गया।

व्हाइट हाउस बना रहा ईरान पर हवाई हमले की बड़ी योजना

इजरायली सेना इस भयानक धमाके को एक सामान्य तकनीकी परीक्षण बताकर शांत करने की कोशिश कर रही है। हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञ इस घटना को इस नाजुक समय में एक बेहद खतरनाक संकेत मान रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

पेंटागन और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस समय ईरान को लेकर कई बड़े विकल्पों पर मंथन कर रहे हैं। इन विकल्पों में ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हवाई हमले शामिल हैं। इसके अलावा ईरान के संवेदनशील यूरेनियम स्टोरेज सेंटरों को सीधे निशाना बनाने की रणनीति भी है।

दूसरी तरफ ईरान ने भी संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका को बेहद सख्त लहजे में सीधी चेतावनी दे डाली है। ईरान ने साफ कहा कि अगर अमेरिका ने उस पर कोई हमला किया, तो अंजाम बुरा होगा। हमले में अमेरिका का साथ देने वाले देशों को भी इसका भीषण परिणाम भुगतना पड़ेगा।

ईरान ने युद्ध टालने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका के सामने अपनी पांच प्रमुख शर्तें रखी हैं। पहली शर्त के तहत अमेरिका को सभी सैन्य संघर्ष तुरंत रोकने होंगे। दूसरी शर्त में ईरान पर लगे सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को फौरन हटाने की मांग की गई है।

इसके अलावा विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड को तुरंत जारी करना भी इसमें शामिल है। ईरान ने युद्ध में हुए अपने आर्थिक नुकसान की पूरी भरपाई मांगी है। साथ ही सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने का दबाव भी बनाया है।

Author: Pallavi Sharma

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